पीड़ितों ने औरैया में उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा का किया था घेराव, उपमुख्यमंत्री ने दिए थे जांच के आदेश
औरैया. जनपद की राजनीति इस समय जोरों से गरमाई हुई है। मंडी समिति औरैया से धान का व्यापार करने वाले व्यापारियों के लिए मुनासिब नहीं रही। हाल में ही एक व्यापारी का लगभग 3 लाख रुपये का भुगतान न होने के कारण और भी व्यपारियों का पैसा अभी तक फंसे होने के कारण सभी ने उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा की गाड़ी का घेराव कर नारेबाजी की थी। इसको लेकर उन्होंने जांच के निर्देश दिए थे। मामले को लेकर सोमवार को औरैया कोतवाली में भाजपा समर्थित जिला पंचायत अध्यक्ष दीपू सिंह सहित एक दर्जन लोगों के खिलाफ जान से मारने की धमकी समेत कई गंभीर धाराओं में मामला पंजीकृत किया गया है।
बताते चलें कि शनिवार को गल्ला मंडी में डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के काफिले का शनिवार को मंडी समिति के आढ़तियों ने घेराव जिला पंचायत अध्यक्ष पर धान खरीद का भुगतान न करने का आरोप लगाया गया था। इस पर रविवार को जिला पंचायत अध्यक्ष सामने आए। आढ़तियों से धान खरीद करने वाले से भी उन्होंने किसी प्रकार के संबंध होने से इनकार किया है।
लगाए गंभीर आरोप
उक्त मामले में पीड़ित निशीत पाठक ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि उसने अपने खेत के धान नवीन गल्ला मंडी में 16 और 17 नवंबर को दीपू सिंह और उनके मुनीम अजय तिवारी को बेचा था। धान की कीमत लगभग 3 लाख रुपये थी, जो इस विश्वास के साथ हर बार की दिया गया था कि 20 दिन बाद पक्का बिल और पैसा मिल जाएगा, लेकिन नहीं मिला। इसके अलावा गल्ला मंडी में मंडी सचिव और कर्मचारियों की मिलीभगत से बिना मण्डी का शुल्क दिए ही गल्ला निकाल दिया जाता है। बादे के मुताबिक जब वह दीपू सिंह से तगादा लेने गया तो उसको भाग दिया।
आढ़तियों ने बंद रखीं दुकानें
इस बीच शनिवार को औरैया आये उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा को पीड़ित ने शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। इससे नाराज होकर उनके साथ मारपीट कर जान से मारने की धमकी देकर भाग गए हैं। इसके विरोध में सोमवार को आढ़तियों ने मंडी समिति में दुकानें बन्द कर विरोध प्रदर्शन किया।
मामले की जांच शुरू
मामले की जानकारी पाते ही पुलिस अधीक्षक संजीव त्यागी ने मौके पर पहुंचे कर जांच के आदेश दिए। साथ ही सभी व्यापारियों को सुरक्षा का वादा देकर उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है। इसको लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष दीपू सिंह ने बताया कि आढ़ती रमेश लंबरदार, राकेश बरसइयां, जमाली , विपिन पुरवार, सुशील बरसइंया, संजीव राठौर, गुड्डू दुबे, बृजेंद्र गुप्ता आदि का नाम लेते हुए कहा कि इन सभी से उन्होंने और उनके मुनीम ने भी मना किया था कि अजय तिवारी से उनकी फर्म का कोई लेना देना नहीं है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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