औरैया

महिला को ‘पानी का बताशा’ खाना पड़ गया महंगा, खुला मुंह नहीं हुआ बंद, जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने खड़े किए हाथ

Auraiya News औरैया में अजीबोगरीब मामला सामने आया है। जब जिला अस्पताल में भर्ती बहू को देखने आई महिला गोलगप्पे यानी पानी के बतासे खाने पहुंच गई। बताशा खाने के दौरान मुंह खोला। लेकिन बंद नहीं हुआ। भयानक दर्द भी शुरू हो गया। जिला अस्पताल के डॉक्टर ने हाथ खड़े कर दिए।
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Dec 02, 2025
गोलगप्पे खाने वाली महिला (फोटो सोर्स- पत्रिका)
फोटो सोर्स- पत्रिका

Auraiya News: औरैया में गोलगप्पा यानी पानी के बतासा खाते समय एक महिला ने मुंह खोला लेकिन वह बंद नहीं हुआ। दर्द से परेशान महिला की आंखों में आंसू आ गए। साथ आई महिलाओं ने समझने का प्रयास किया तो जानकारी हुई कि उनका मुंह बंद नहीं हो रहा है। प्रयास करने के दौरान काफी दर्द हो रहा है। मौके पर खड़े लोगों ने देखा तो जानकारी प्राप्त की। महिला की आंखों से आंसू निकल रहे थे। आनन-फानन जिला अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टर ने प्रयास किया। लेकिन सफलता नहीं मिली। महिला को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। घटना औरैया जिला अस्पताल की है।

बहु को देखने आई थी जिला अस्पताल


उत्तर प्रदेश के औरैया में अजीबोगरीब मामला सामने आया है। जब इंकिला देवी (42) निवासी गौरी किशनपुर दिबियापुर अपनी बहू को देखने के लिए जिला अस्पताल आई थी। उनकी भतीजी की डिलीवरी होने वाली थी। इसी बीच इंकिला देवी रिश्तेदार महिलाओं के साथ अस्पताल के पास ही गोलगप्पा खाने पहुंच गई। जैसे ही उन्होंने गोलगप्पा खाने के लिए मुंह खोला, गजब की घटना घट गई। उनका मुंह बंद ही नहीं हुआ। शुरुआत में उन्होंने प्रयास किया। लेकिन सफलता नहीं मिली। दर्द भी होने लगा।


जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने हाथ खड़े किए


साथ आई महिलाओं ने तत्काल जिला अस्पताल ले गई। डॉक्टर शत्रुघ्न और डॉक्टर मनोज कुमार ने परीक्षण किया और जबड़ा को बंद करने का प्रयास किया। लेकिन वे भी सफल नहीं हुए। इसके बाद इंकिला देवी को चिचौली मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों को काफी प्रयासों के बाद इंकिला देवी का मुंह बंद करने में सफलता मिली और वह अपनी पुरानी स्थिति में आ गई।


क्या कहते हैं मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर?


इस संबंध में डॉक्टर मनोज कुमार ने बताया कि इस प्रकार का दुर्लभ मामला उनके सामने पहली बार आया है। इस प्रकार की घटना होने पर क्या करना चाहिए? इस सवाल पर डॉक्टर मनोज ने बताया कि कभी भी मुंह जबरदस्ती बंद करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में इसका उपचार करना चाहिए। डॉ मनोज ने भी बताया कि इस प्रकार का मामला उनके सामने पहली बार आया है।

Updated on:
02 Dec 2025 07:22 am
Published on:
02 Dec 2025 07:22 am