सरकारें इस जल खपत को कम करने की दिशा में काम भी कर रही हैं लेकिन जल्द ही मार्केट ऐसा सिस्टम आने वाला है जिसमें कारों को साफ़ करने के लिए पानी की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।
नई दिल्ली: आजकल दुनियाभर में जल संकट तेज़ी से बढ़ रहा है। जल संकट की चपेट में अब तक कई देश आ चुके हैं और इन देशों की सरकारें पानी बचाने के लिए तमाम तरह के उपाय भी कर रही हैं। भारत में भी कई सारे प्रदेश हैं जहां जल संकट मुंह उठा रहा है। आपको बता दें कि हर साल हमारे देश में कारों को साफ़ करने के लिए ही लाखों लीटर पानी का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में सरकारें इस जल खपत को कम करने की दिशा में काम भी कर रही हैं लेकिन जल्द ही मार्केट ऐसा सिस्टम आने वाला है जिसमें कारों को साफ़ करने के लिए पानी की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।
आज के समय में लोग कारों को साफ करने के लिए बहुत ज्यादा परेशान होते हैं, क्योंकि अगर पानी से साफ न करें तो कार ठीक से साफ नहीं होगी और पानी आज के समय में बचाना बहुत ज्यादा जरूरी है तो इसको देखते हुए कार साफ करने के लिए एक ऐसी तकनीक निकाली गई है, जिससे कार भी साफ हो जाएगी और पानी भी बर्बाद नहीं होगा।
ड्राई वॉश सिस्टम (Dry Car Wash) के जरिए कारों को साफ किया जा रहा है और इसमें इको फ्रेंडली और बायोडिग्रेडेबल केमिकल्स का यूज होता है। इस तकनीक में कारों पर कपड़ा मारने के बाद एक एयर प्रेशर टैंक द्वारा स्पेशल केमिकल छिड़का जाता है। केमिकल पूरी कार पर फैल जाता है। बाद में माइक्रो फाइबर कपड़े से साफ किया जाता है, जिसके बाद कार ऐसे चमक उठती है जितनी पानी से साफ करने पर भी नहीं चमक सकती है।
इस सिस्टम के जरिए अगर एक साल में कम से कम 28-30 लाख कारों को साफ किया जाएगा तो प्रति वर्ष लगभग 216 मिलियन लीटर से ज्यादा पानी बचाया जा सकता है। साथ ही साथ इससे समय की भी बचत होगी। इस तकनीक से कार के बाहर के हिस्से को साफ किया जा सकता है और अंदर के हिस्से में एयर प्रेशर द्वारा हवा मारकर गंदगी साफ की जा सकती है और उसके बाद कपड़ा मार सकते हैं।