ऑटोमोबाइल

मोबाइल में रखा ये सरकारी ऐप कैसे चालान कटने से बचाता है, जानिए

अगर आपके फोन में भी mParivahan App है तो अब ट्रैफिक चालान से बच सकते हैं। ट्रैफिक पुलिस भी इस ऐप में मौजूद डाक्यूमेंट्स को लीगल मानती है। जानिए कैसे डाउनलोड करें और चालान से कैसे बच सकते हैं।
2 min read
Oct 19, 2025
mParivahan App
mParivahan App (Image: Patrika.com)

mParivahan App: आज के डिजिटल दौर में मोबाइल सिर्फ बातचीत या सोशल मीडिया का जरिया नहीं रह गया है। बहुत सारे काम हैं जो मोबाइल से चुटकियों में हो जाता है। बस आपको स्मार्टली तरीके से यूज करना आना चाहिए। जैसे कई बार ट्रैफिक चेकिंग के दौरान जब पुलिस आपसे ड्राइविंग लाइसेंस (DL) या गाड़ी की RC मांगती है तब वो आपके पास नहीं रहता है। इस कारण से आपका चालान भी कट जाता है। मगर, मोबाइल आपकी मदद कर सकता है और चालान कटने से बचा सकता है। हम बात कर रहे हैं भारत सरकार के mParivahan ऐप की, जो आपकी दिक्क्तों को पूरी तरह से खत्म करने के उद्देश्य से ही बनाया गया है।

ऐसे डाउनलोड करें mParivahan App

  • अपने स्मार्टफोन के Google Play Store या Apple App Store पर जाएं।
  • mParivahan App सर्च करके इंस्टॉल करें।
  • ऐप को ओपन करें और अकाउंट बनाएं। इसमें नाम, राज्य और मोबाइल नंबर जैसी बेसिक जानकारी भरनी होती है।
  • रजिस्ट्रेशन के दौरान मोबाइल पर OTP आएगा, OTP दर्ज करते ही आपका अकाउंट एक्टिव हो जाएगा और आप ऐप के फीचर्स इस्तेमाल कर सकेंगे।

ऐप में आरसी कैसे ऐड करें?

  • ऐप में My Virtual RC ऑप्शन का चुनाव करें।
  • अपने वाहन का रेजिस्ट्रेशन नंबर, इंजन नंबर और चेसिस/VIN नंबर दर्ज करें।
  • दिए गए विवरण के आधार पर वेरिफिकेशन के लिए OTP मिलेगा, OTP दर्ज करने पर आपकी डिजिटल RC ऐप में जुड़ जाएगी।
  • RC के साथ एक यूनिक QR कोड भी दिखेगा, ट्रैफिक अधिकारी इसे स्कैन कर आपकी डिटेल्स तुरंत देख सकते हैं।

ड्राइविंग लाइसेंस कैसे ऐड करें?

  • ऐप में My Virtual DL पर जाएं।
  • अपना DL नंबर और जन्मतिथि भरें।
  • वेरिफिकेशन के लिए भेजे गए OTP को दर्ज करें, सफल वेरिफिकेशन के बाद आपका डिजिटल DL एक्टिव हो जाएगा।

ट्रैफिक चेक में ऐप का ऐसे करें इस्तेमाल

जब भी कोई ट्रैफिक अधिकारी डाक्यूमेंट्स मांगे, तब आप ऐप खोलकर अपना Virtual RC या Virtual DL दिखा सकते हैं। अधिकारी QR कोड स्कैन करकर तुरंत आपके रिकॉर्ड व वैधता चेक कर लेंगे। चूंकि यह सरकार की तरफ से वैलिड डिजिटल डॉक्यूमेंट है अधिकतर मामले में स्क्रीनशॉट या फोटो की बजाय इसे ही स्वीकार किया जाता है।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • OTP और mPIN किसी के साथ साझा न करें। सुरक्षा के लिहाज से mPIN रखें।
  • ऐप को समय-समय पर अपडेट करते रहें ताकि नए फीचर्स व सुरक्षा पैच आते रहें।
  • इंटरनेट काम न कर रहा हो तो डीलर की ओर से दिए गए वैलिड डाक्यूमेंट्स लेकर चलें।

DigiLocker में भी सेव कर लें: चाहें तो mParivahan के अलावा DigiLocker जैसे आधिकारिक ऐप में भी अपने DL और RC सेव कर लें, यह एक और बैक-अप होगा और डाक्यूमेंट्स सुरक्षित रहेंगे।

संदेह हो तो RTO से पूछें, अनजानी साइट पर जानकारी न दें: अगर किसी डॉक्यूमेंट या प्रोसेस में शंका हो तो सीधे नजदीकी RTO से बात करें। किसी अनजानी या गैर-आधिकारिक वेबसाइट/ऐप पर अपनी निजी जानकारी कभी भी न डालें। साथ ही उपरोक्त जानकारी जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है। चालान काटने का निर्णय पूरी तरह से ट्रैफिक पुलिस का होता है।

Updated on:
22 Oct 2025 11:56 am
Published on:
19 Oct 2025 05:14 pm