Traffic Violation Rule: मोटर चालकों द्वारा यातायात उल्लंघन की संख्या को कम करने के प्रयास में, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) विभिन्न उपाय कर रहा है।
वाहन चालकों को अब ज्यादा सतर्क होने की जरूरत है। क्योंकि यदि आप गैर-मोटर चालित वाहन (नॉन-मोटराइज़्ड व्हीकल) लेन में वाहन चलाते समय यातायात पुलिस द्वारा पकड़े जाते हैं, तो आप पर 20,000 का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा, यदि आप किसी आपातकालीन वाहन जैसे कि एम्बुलेंस या दमकल की गाड़ी को जगह नहीं देते हैं तो इस दशा में पकड़े जाने पर आपको 10,000 रुपये के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।
मोटर व्हीकल एक्ट 115/194 (1) के अनुसार, यदि किसी वाहन के चालक को गैर-मोटर चालित वाहन लेन में वाहन चलाते समय यातायात पुलिस द्वारा पकड़ा जाता है, जिसमें कार या मोटरसाइकिल या स्कूटर चलाना प्रतिबंधित है, तो उसे 20,000 के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही मोटर व्हीकल एक्ट 194ई के तहत यदि वाहन का चालक किसी आपातकालीन वाहन को जगह नहीं देता है तो उस पर 10,000 हजार का जुर्माना लगाया जा सकता है।
भारत उन देशों में से एक है जहां नियमित रूप से बड़ी संख्या में यातायात उल्लंघन होते हैं। इन यातायात उल्लंघनों के परिणामस्वरूप अक्सर बड़ी दुर्घटनाएँ होती हैं, यहाँ तक कि कई बार लोगों की मृत्यु या लोग गंभीर रूप से घायल भी हो जाते हैं। मोटर चालकों द्वारा यातायात उल्लंघन की संख्या को कम करने के प्रयास में, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) विभिन्न उपाय कर रहा है। उनमें से एक ट्रैफिक नियम के उल्लंघन के लिए जुर्माने की राशि में उल्लेखनीय वृद्धि करना है। मंत्रालय का दावा है कि इस तरह के दंडात्मक उपायों से यातायात उल्लंघनों की संख्या में कुछ हद तक कमी आई है।
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सरकार ने अदालत के निर्देश के अनुसार मोटर चालकों के लिए बीमा दावों के नियमों में भी बदलाव किया है। नए नियम में कहा गया है कि नियमों का पालन नहीं करने से मोटर चालक और जिस बीमा कराने वाला व्यक्ति कोई बीमा दावा करने या कोई बीमा लाभ प्राप्त करने के लिए अपात्र हो जाएगा। ये नियम केवल प्राइवेट वाहन मालिकों के लिए ही नहीं हैं, बल्कि सड़क पर चलने वाले हर वाहनों पर लागू होते हैं।
इन यातायात नियमों के उल्लंघनों में सीमा से अधिक यात्री संख्या वाले ऑटोरिक्शा और दोपहिया वाहनों को ओवरलोड करना, बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चलाना, गलत दिशा में वाहन चलाना, शराब पीकर गाड़ी चलाना, गाड़ी चलाते या सवारी करते समय मोबाइल पर बात करना, ओवरस्पीडिंग, कोशिश करना, सीट बेल्ट न लगाना आदि शामिल हैं।