Auto Expo 2023: ऑटो एक्सपो 2023 का जोरदार आगाज़ हो चुका है। देश-विदेश की कई बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियाँ इस ऑटो एक्सपो में अपनी चमक बिखेर रही हैं। इसी बीच केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी इस इवेंट के एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित भी किया।
भारत में सबसे बड़े ऑटोमोबाइल इवेंट ऑटो एक्सपो (Auto Expo) 2023 की शानदार शुरुआत हो चुकी है। देश-विदेश की कई बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियाँ ऑटो एक्सपो 2023 में अपनी चमक बिखेरते हुए नए और शानदार व्हीकल्स पेश कर रही हैं। भारत ही नहीं, दुनियाभर के ऑटोमोबाइल लवर्स में इस समय नोएडा में चल रहे ऑटो एक्सपो 2023 की चर्चा है। ऑटोमोबाइल लवर्स भी इस इवेंट में शामिल होने के लिए बेहद उत्साहित हैं। इसी बीच गुरुवार, 12 जनवरी को केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री (Minister of Road Transport and Highways of India) नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने भी ऑटो एक्सपो 2023 के एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया और मौजूद लोगों को संबोधित भी किया।
रोड सेफ्टी के लिए भारत सरकार गंभीर
गडकरी ने ऑटो एक्सपो 2023 में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए इसे संबोधित भी किया। कार्यक्रम में उन्होंने रोड सेफ्टी के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि भारत में हर साल करीब 5 लाख रोड एक्सीडेंट्स होते हैं, जिनमें करीब 1 लाख लोगों की मौत होती हैं। गडकरी ने कहा कि इस स्थिति में सुधार की ज़रूरत है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार रोड एक्सीडेंट्स को रोकने और देश में रोड सेफ्टी को बढ़ाने के लिए गंभीर है।
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सरकार का 2024 के लिए लक्ष्य
गडकरी ने इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत सरकार ने अगले साल यानि की 2024 के लिए एक लक्ष्य निर्धारित कर रखा है। यह लक्ष्य है 2024 के अंत तक देश में होने वाले रोड एक्सीडेंट्स को 50% तक कम करना। गडकरी ने बताया कि इसके लिए भारत सरकार हर ज़रूरी कदम उठाएगी।
ऑटोमोबाइल कंपनियों को दिया निर्देश
गडकरी ने बताया कि देश में रोड एक्सीडेंट्स को कम करने और रोड सेफ्टी को बढ़ाने के लिए उन्होंने देश की सभी ऑटोमोबाइल कंपनियों को एक निर्देश दिया है। गडकरी ने इस निर्देश से ऑटोमोबाइल कंपनियों को अपने व्हीकल्स में सेफ्टी फीचर्स बढ़ाने के लिए कहा है। उन्होंने कार्यक्रम में कहा कि भारत अगले 5 साल में दुनिया में व्हीकल मैन्युफैक्चर का सेंटर हब बन सकता है, पर इसके लिए ऑटोमोबाइल कंपनियों को देश में रोड सेफ्टी को बढ़ाने और रोड एक्सीडेंट्स को कम करने के लिए अपने व्हीकल्स को ज़्यादा सेफ बनाने की ज़रूरत है।