अयोध्या

Ayodhya Deepotsav Contest: कैनवास से मोबाइल स्क्रीन तक छाएगी नव्य अयोध्या, दीपोत्सव में देशभर की प्रतिभाओं को मौका

Ayodhya Deepotsav 2026: अयोध्या दीपोत्सव 2026 में नव्य अयोध्या की झलक रंगों और रील्स से दुनिया तक पहुंचेगी। चित्रकला और रील मेकिंग प्रतियोगिताओं के लिए दो नवंबर तक आवेदन करें।
3 min read
• •
Updated: 24 Oct 2026, 3:34 PM IST
चित्रकला प्रतियोगिता में कलाकार कैनवास पर उकेर सकेंगे रामनगरी की परंपराएं और विकास की नई तस्वीर (फोटो सोर्स :file photo, Ritesh Singh )
चित्रकला प्रतियोगिता में कलाकार कैनवास पर उकेर सकेंगे रामनगरी की परंपराएं और विकास की नई तस्वीर (फोटो सोर्स :file photo, Ritesh Singh )

Ayodhya Art Competition: अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक पहचान और विकास की नई तस्वीर अब रंगों और डिजिटल रील्स के जरिए दुनिया के सामने आएगी। दीपोत्सव-2026 को खास बनाने के लिए योगी सरकार ने चित्रकला और रील मेकिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया है। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से देशभर के कला प्रेमियों, युवाओं और रचनात्मक प्रतिभाओं को रामनगरी की परंपराओं, ऐतिहासिक स्थलों, विकास कार्यों और दीपोत्सव की भव्यता को अपने नजरिए से प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

दोनों प्रतियोगिताओं में सभी आयु वर्ग के लोग हिस्सा ले सकते हैं। प्रतिभागियों को अपनी प्रविष्टियां दो नवंबर तक जमा करनी होंगी। प्रतियोगिता के विजेताओं को दीपोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में सम्मानित किया जाएगा।

कला और तकनीक से सामने आएगी अयोध्या की नई तस्वीर

उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य अयोध्या की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत और बदलते स्वरूप को रचनात्मक माध्यमों से जन-जन तक पहुंचाना है। प्रतिभागी जहां कैनवास पर रामनगरी की धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान को उकेर सकेंगे, वहीं डिजिटल वीडियो के जरिए अयोध्या के विकास और दीपोत्सव के आकर्षक दृश्यों को दुनिया के सामने रख सकेंगे।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या भारत की आस्था, संस्कृति और गौरवशाली विरासत के प्रमुख प्रतीक के रूप में उभरी है। उनके अनुसार, चित्रकला और रील मेकिंग प्रतियोगिताएं युवाओं और रचनात्मक प्रतिभाओं को अयोध्या के बदलते स्वरूप, विकास यात्रा और सनातन संस्कृति की भव्यता को प्रस्तुत करने का मंच देंगी। आधुनिक तकनीक और रचनात्मकता के माध्यम से रामनगरी की पहचान को वैश्विक स्तर पर और मजबूत करना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है।

कैनवास पर उकेरें अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान

चित्रकला प्रतियोगिता की थीम ‘कला के माध्यम से अयोध्या का उत्सव’ (Celebrating Ayodhya Through Art) रखी गई है। इसमें प्रतिभागियों को जलरंग यानी वॉटर कलर के माध्यम से मौलिक पेंटिंग तैयार करनी होगी। कलाकृति में अयोध्या की सांस्कृतिक परंपराओं, ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों, विरासत, विकास की नई तस्वीर या दीपोत्सव की भव्यता को दर्शाया जा सकता है।

प्रतियोगिता में प्रस्तुत की जाने वाली पेंटिंग प्रतिभागी की स्वयं की रचना होनी चाहिए और सार्वजनिक प्रदर्शन के योग्य होनी चाहिए। पहले से प्रकाशित या नकल की गई कलाकृतियां स्वीकार नहीं की जाएंगी। इसी तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से तैयार पेंटिंग भी मान्य नहीं होगी। विषय से असंबंधित, भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री वाली प्रविष्टियों को प्रतियोगिता से बाहर रखा जाएगा।

30 से 60 सेकंड की रील में दिखाएं ‘नए रूप में अयोध्या’

डिजिटल माध्यमों में रुचि रखने वाले युवाओं और वीडियो क्रिएटर्स के लिए रील मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। इसकी थीम ‘नए रूप में अयोध्या’ (Ayodhya in a New Light) है। प्रतिभागियों को 30 से 60 सेकंड की मौलिक रील बनानी होगी, जिसमें अयोध्या की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत, विकास कार्यों और दीपोत्सव-2026 के भव्य आयोजनों की झलक दिखाई जा सके।

रील आकर्षक, स्पष्ट और सार्वजनिक प्रदर्शन के योग्य होनी चाहिए। इसमें वीडियो के दृश्यों, संगीत और अन्य रचनात्मक सामग्री के इस्तेमाल में कॉपीराइट नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। प्रतिभागियों को कॉपीराइट मुक्त संसाधनों का उपयोग करना चाहिए। किसी अन्य व्यक्ति की सामग्री की नकल करने, बिना अनुमति कॉपीराइट सामग्री इस्तेमाल करने या भ्रामक और आपत्तिजनक वीडियो प्रस्तुत करने पर प्रविष्टि स्वीकार नहीं की जाएगी। एआई से तैयार सामग्री का अत्यधिक इस्तेमाल करने वाली प्रविष्टियां भी मान्य नहीं होंगी।

दो नवंबर तक जमा होंगी प्रविष्टियां

चित्रकला और रील मेकिंग प्रतियोगिताओं में भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागी निर्धारित क्यूआर कोड या संबंधित ऑनलाइन लिंक के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। चित्रकला प्रतियोगिता के लिए आवेदन करने हेतु इस लिंक का इस्तेमाल किया जा सकता है: https://docs.google.com/forms/d/1Xe32PrX_AVhK_W51G19hY9Zc5IFWqvxArSHxzQqqp9U/edit

वहीं, रील मेकिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के इच्छुक प्रतिभागी इस लिंक पर आवेदन कर सकते हैं:https://docs.google.com/forms/d/1miXQMb611-gZ8HOMeLlgtpUTTY2-BZugs3O8MPtwfkw/edit

दोनों प्रतियोगिताओं के लिए प्रविष्टियां जमा करने की अंतिम तिथि 2 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है। प्रतिभागियों को आवेदन करने से पहले संबंधित फॉर्म में दिए गए निर्देशों और शर्तों को ध्यान से पढ़ना चाहिए, ताकि उनकी प्रविष्टि निर्धारित मानकों के अनुरूप हो।

जनभागीदारी से सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा नया मंच

पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने कहा कि दीपोत्सव-2026 के माध्यम से अयोध्या की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक महत्ता और विकास की नई गाथा को रचनात्मक अभिव्यक्ति के जरिए देश-दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उनके अनुसार, चित्रकला और रील मेकिंग प्रतियोगिताएं जनभागीदारी को बढ़ावा देने के साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का अवसर भी देंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि देशभर से भाग लेने वाली प्रतिभाएं अपनी कल्पनाशीलता और नवाचार के जरिए अयोध्या की गौरवशाली परंपराओं तथा दीपोत्सव की भव्यता को व्यापक पहचान दिलाने में योगदान देंगी।

‘विकास भी, विरासत भी’ की थीम को मिलेगा रचनात्मक रूप

दीपोत्सव-2026 के तहत आयोजित ये प्रतियोगिताएं अयोध्या की परंपरा और आधुनिक विकास को एक साथ प्रस्तुत करने का अवसर देंगी। चित्रकला के जरिए कलाकार अपनी कल्पना को रंगों में ढाल सकेंगे, जबकि रील मेकिंग के माध्यम से डिजिटल क्रिएटर्स कम समय में रामनगरी की खासियत और बदलते स्वरूप को प्रभावी ढंग से दिखा सकेंगे। इस पहल में देशभर के प्रतिभागियों की भागीदारी से अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान को नए माध्यमों के जरिए सामने लाने की उम्मीद है। इच्छुक प्रतिभागियों के पास अपनी रचनात्मकता दिखाने और दीपोत्सव-2026 का हिस्सा बनने के लिए दो नवंबर तक का समय है।

Updated on:
24 Oct 2026, 3:34 PM IST
Published on: