
Ayodhya Ram Mandir Case Update: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर दान घोटाला मामले को लेकर स्थानीय वकीलों ने एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। अयोध्या बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने साफ कह दिया है कि इस मामले के आरोपियों का केस अयोध्या का कोई भी वकील नहीं लड़ेगा। अगर किसी वकील ने इस नियम का उल्लंघन किया, तो उस पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अयोध्या का कोई भी वकील इन आरोपियों की तरफ से कोर्ट में खड़ा नहीं होगा। अगर कोई भी वकील इस फैसले के खिलाफ जाकर आरोपियों का केस लड़ता है या उनकी मदद करता है, तो उस पर 5,00,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
बैठक में वकीलों का गुस्सा इतना ज्यादा था कि उन्होंने चंपत राय, अनिल मिश्रा और विनोद राय को गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग की। वकीलों ने इन तीनों को 3 दिन के अंदर अयोध्या छोड़ने का अल्टीमेटम भी दे दिया है। वकीलों का कहना है कि अगर 3 दिन में इन्होंने अयोध्या नहीं छोड़ी, तो पूरे शहर को जाम कर प्रदर्शन किया जाएगा।
बार एसोसिएशन के सचिव शैलेंद्र जायसवाल ने कहा कि मंदिर के चढ़ावे की चोरी ने करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाई है और इससे पूरी अयोध्या बदनाम हुई है। वहीं एडवर्टाइजर विवेक कुमार सिंह और राजेंद्र चौधरी जैसे वरिष्ठ वकीलों ने आरोपियों को गुपचुप तरीके से रिमांड मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने पर नाराजगी जताई। वकीलों की मांग है कि इस कांड के दोषियों के खिलाफ भी अन्य अपराधियों की तरह यूपी सरकार का बुलडोजर एक्शन होना चाहिए।
बार एसोसिएशन की बैठक में वकीलों ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, सदस्य अनिल मिश्रा और गोपाल राव पर सीधा निशाना साधा। बार के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने कहा कि पूरा देश इस मामले में इन्हें आरोपी मान रहा है। इसलिए शासन को पत्र भेजकर इन तीनों के खिलाफ धारा 173 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच कराने की मांग की जाएगी। वकीलों ने सरकार से अपील की है कि इन तीनों पर कड़ी नजर रखी जाए ताकि ये अयोध्या छोड़कर भाग न सकें।
आपको बता दें कि इस मामले की जांच के लिए बनाई गई SIT की रिपोर्ट के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से करीब 80 लाख रुपये भी बरामद किए गए हैं।