अयोध्या

Ram Mandir Donation Theft: रसीद होती तो पकड़ में आती, हुंडी के भरोसे खुली थी ‘तिजोरी’; राम मंदिर के 4 चहेतों की स्टोरी

Ram Janmabhoomi Trust News : आस्था पर अपनों का डाका। राम मंदिर दान चोरी मामले में चौंकाने वाला खुलासा। आखिर कितना चढ़ावा उड़ा ले गए ये खाकी और खादी के करीबी? क्यों पुलिस के लिए भी इस महाघोटाले की थाह पाना अब नामुमकिन हो चुका है? पढ़िए मंदिर ट्रस्ट की उस बड़ी लापरवाही की इनसाइड स्टोरी, जिसने रामभक्तों को झकझोर कर रख दिया है।
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Ayodhya Ram Mandir donation scam
Ayodhya Ram Mandir donation scam : अयोध्या राम मंदिर दान घोटाला (फोटो सोर्स : AI@chatgpt)

Ayodhya Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के बाद जहां देश-दुनिया से श्रद्धालु पलकें बिछाए रामलला के दर्शन को उमड़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आस्था के इस सबसे बड़े केंद्र से एक ऐसी खबर आई है जिसने सबको सन्न कर दिया है। राम मंदिर के दानपात्रों (हुंडियों) से करोड़ों रुपये की चोरी का मामला लगातार गहराता जा रहा है। अब जो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, उनसे साफ है कि यह कोई मामूली चोरी नहीं, बल्कि लंबे समय से सुनियोजित तरीके से चल रहा एक भीतरघात था। स्थिति यह है कि अब पुलिस और जांच एजेंसियों के लिए भी यह पता लगाना लगभग नामुमकिन हो गया है कि आखिर दान का कुल कितना पैसा गायब किया गया है।

महाकुंभ से शुरू हुआ खेल, जब बढ़ा चढ़ावा तो मिला मौका

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले में गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों में से चार मुख्य किरदार अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे एसबीआई द्वारा नियुक्त प्राइवेट सुरक्षा एजेंसी सैनिक सिक्योरिटी सर्विसेज' के आने से बहुत पहले से मंदिर परिसर में सक्रिय थे।

दरअसल, महाकुंभ 2025 के दौरान जब राम मंदिर में अचानक चढ़ावे की भारी बढ़ोतरी हुई, तो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के पास नोटों की गिनती के लिए तत्काल पर्याप्त स्टाफ नहीं था। ऐसे में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने अपने पुराने अनुभवों के आधार पर कुछ भरोसेमंद स्वयंसेवकों को इस काम में लगा दिया। बस, यहीं से आस्था की आड़ में लालच का खेल शुरू हुआ।

खास बनकर जीता दिल, फिर बुना साजिश का जाल

आरोपियों में शामिल अनुकल्प मिश्रा ने शिखर पर ध्वजारोहण, मंदिर की पहली और दूसरी वर्षगांठ के आयोजनों और दीपोत्सव जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। वह ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा जैसे बड़े पदाधिकारियों का चहेता बन चुका था। इसी रसूख का फायदा उठाकर अनुकल्प ने नोटों की गिनती का काम शुरू होने से पहले ही अपने अन्य साथियों को भी मंदिर के अलग-अलग कामों में एंट्री दिला दी। जब बाद में प्राइवेट एजेंसी को नोटों की गिनती का जिम्मा मिला, तो उन्होंने पहले से वहां जमे इन युवाओं को ही अपना काउंटिंग एजेंट बना लिया।

बरामदगी के आंकड़े: देखिए किसके पास से क्या मिला

पुलिस ने अब तक आरोपियों के पास से करीब 80 लाख रुपये और आभूषण बरामद किए हैं:

  • अविनाश शुक्ला: 20.39 लाख रुपये और गहने (सबसे ज्यादा बरामदगी)
  • करुणेश पांडे: 18.63 लाख रुपये
  • अनुकल्प मिश्रा: 16.82 लाख रुपये
  • लवकुश मिश्रा: 14.25 लाख रुपये
  • रमाशंकर मिश्रा: 7.32 लाख रुपये
  • मनीष यादव: 2 लाख रुपये

(बाकी दो आरोपी राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू और सुभाष श्रीवास्तव, सीधे काउंटिंग में नहीं थे लेकिन साजिश का हिस्सा थे।)

सिर्फ नीयत खराब नहीं, सिस्टम भी था लापरवाह

इस पूरे मामले पर कानूनी और सामाजिक जानकारों का गुस्सा फूट पड़ा है। कानूनी विशेषज्ञ का कहना है, यह सीधे तौर पर नैतिक पतन का मामला है। नोटों के ढेर के बीच रहते हुए इन लोगों का ईमान डगमगा गया। लेकिन इसके लिए सिर्फ चोर जिम्मेदार नहीं हैं; ट्रस्ट के पदाधिकारियों और बैंक प्रबंधन की घोर लापरवाही भी उतनी ही जिम्मेदार है। आंतरिक ऑडिट और सीसीटीवी जैसी सख्त निगरानी (Internal Control & Checks) की कमी ने इन अपराधियों के हौसले बुलंद किए।

क्या है सुरक्षा का नया नियम?

इस घटना के बाद अब अयोध्या प्रशासन और राम मंदिर ट्रस्ट बेहद सतर्क हो गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, अब दानपात्रों से पैसे निकालने और गिनती की प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल और थ्री-लेयर सिक्योरिटी के तहत लाने की तैयारी की जा रही है। अब बिना मुस्तैद सुरक्षा घेरे और बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों की लाइव कस्टडी के कोई भी बाहरी या स्वयंसेवक नोटों को हाथ नहीं लगा सकेगा।

परंतु, सवाल अभी भी वहीं खड़ा है जो पैसा महीनों से धीरे-धीरे करके इन चोरों की जेबों में जाता रहा, उसका हिसाब कौन देगा? चूंकि दानपात्र में आने वाली अघोषित नकदी का कोई शुरुआती रिकॉर्ड नहीं होता, इसलिए आस्था की तिजोरी से लूटी गई वास्तविक रकम हमेशा के लिए एक राज ही बनी रहेगी।

Updated on:
11 Jul 2026 01:48 pm
Published on:
11 Jul 2026 01:48 pm