अयोध्या

राम मंदिर चंदा चोरी मामला: चंपत राय ने उठाए अनिल मिश्र की भूमिका पर सवाल, जांच में आया नया मोड़

Ram Mandir Donation Case: राम मंदिर चंदा चोरी मामले की जांच के बीच विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का विशेष जांच दल (एसआईटी) को लिखा एक पत्र सामने आने के बाद जांच ने नया मोड़ ले लिया है।
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Jul 10, 2026
Ayodhya Ram Mandir and Champat Rai News
अयोध्या का राम मंदिर और चंपत राय । ( फोटो : IANS )

अयोध्या। राम मंदिर चंदा चोरी मामले की जांच के बीच विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का विशेष जांच दल (एसआईटी) को लिखा एक पत्र सामने आने के बाद जांच ने नया मोड़ ले लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल इस पत्र में चंपत राय ने नोटों की गिनती की व्यवस्था में हुई कथित अनियमितताओं के लिए पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र की भूमिका पर सवाल उठाए है। वहीं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बड़ा एक्शन लिया है। ट्रस्ट ने पूर्व महासचिव चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव की डिजिटल आईडी निष्क्रिय कर दी है।

पत्र में चंपत राय ने क्या किया दावा?

पत्र में चंपत राय ने दावा किया है कि फरवरी, 2025 में भारतीय स्टेट बैंक के साथ कैश काउंटिंग को लेकर तैयार की गई विवादित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) और एमओयू उनकी जानकारी या मंजूरी के बिना तैयार किए गए। इस पूरी प्रक्रिया का मसौदा डॉ. अनिल मिश्र और एसबीआई के अधिकारियों ने तैयार किया था। पत्र के अनुसार उस समय एसबीआई से जुड़े प्रशासनिक और वित्तीय मामलों को जिम्मेदारी भी अनिल मिश्र के पास थी। उधर, एसआईटी अनिल मिश्र से दोबारा पूछताछ की तैयारी में जुटी है।

चंपत राय समेत तीन लोगों की आईडी निष्क्रिय

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। ट्रस्ट ने चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव की वीआईपी और सुगम दर्शन पास जारी करने वाली सिस्टम आईडी निष्क्रिय कर दी है। इन्हीं तीनों आईडी से सबसे अधिक पास जारी हुए थे। चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद मंदिर की अन्य व्यवस्थाएं में हो रही लापरवाही भी सामने आई। वहीं, राम मंदिर के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास का अधिकार बढ़ाते हुए उनके नाम से आईडी जनरेट कर दी गई है। अब उनकी आईडी से पास जारी किए जा सकेंगे।

बैंक की भूमिका की भी जांच हो

चंपत राय ने एसआइटी से आग्रह किया है कि जांच केवल आउटसोर्स कर्मचारियों या निचले स्तर के आरोपियों तक सीमित न रहे। कैश काउंटिंग व्यवस्था में जो गंभीर खामियां सामने आईं, उनकी जिम्मेदारी तय करने के लिए एसबीआइ के वरिष्ठ अधिकारियों और बैंक प्रबंधन की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए।

Updated on:
10 Jul 2026 08:19 am
Published on:
10 Jul 2026 08:19 am