
Badrinath Temple Donation Dispute: उत्तराखंड के मशहूर बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर में चढ़ावे और दान को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। मंदिर में पैसे की हेराफेरी और गड़बड़ी के आरोपों पर अब अयोध्या के बड़े संत सत्येंद्र दास वेदांती ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि मंदिर के काम-काज में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। भक्तों ने मंदिर में जो भी पैसा या चढ़ावा चढ़ाया है, उसका एक-एक पैसे का हिसाब सही से रखा जाना चाहिए और इसकी पूरी जानकारी आम जनता को भी मिलनी चाहिए।
मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले में बोलते हुए संत सत्येंद्र दास वेदांती ने स्पष्ट किया कि मंदिर के कामकाज और वित्तीय प्रबंधन में पूरी तरह से पारदर्शिता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं ने अपनी अगाध श्रद्धा के साथ मंदिर में जो भी पैसा या चढ़ावा भगवान को अर्पित किया है उसका एक एक पैसे का हिसाब बिल्कुल सही तरीके से रखा जाना चाहिए। वेदांती ने जोर देकर कहा कि इस पूरे दान और खर्च की पाई पाई की जानकारी आम जनता को भी मिलनी चाहिए ताकि लोगों की आस्था और विश्वास कायम रहे।
संत सत्येंद्र दास वेदांती ने मंदिर समिति और प्रशासन को कड़ी नसीहत भी दी है। उन्होंने कहा कि जो भी अधिकारी या पदाधिकारी मंदिर के प्रबंधन से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं और जो लोग इस पूरी व्यवस्था की निगरानी करते हैं यह उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है कि वे व्यवस्था में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि भगवान के दरबार में चढ़ने वाले दान में किसी भी तरह की हेराफेरी समाज को स्वीकार नहीं होगी और सच्चाई सभी के सामने आनी ही चाहिए।
राम मंदिर चंदा चोरी की खबरों से सबक लेते हुए बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ने अपने सभी मंदिरों में पारदर्शिता बढ़ाने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। समिति के CEO सोहन सिंह रांगड़ ने मंदिरों में आने वाले दान भेंट और अन्य आय का बिल्कुल सही तरीके से हिसाब-किताब रखने का आदेश दिया है। दान की गिनती करने वाले स्थलों, खजाने और पूजा काउंटरों पर तैनात सभी कर्मचारियों को अब विशेष रूप से सतर्कता बरतनी होगी। प्रशासन की ओर से स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि दान के पैसों के रखरखाव में किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।