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अयोध्या में 160 फीट ऊपर आसमान में कर सकेंगे भोजन, बनेगा फ्लाई रेस्टोरेंट, जानें खासियत

Ayodhya news : अयोध्या में पर्यटक 160 फीट ऊपर आसमान में स्वादिष्ट व्यंजनों का स्वाद ले सकेंगे। इसके लिए यहां फ्लाई रेस्टोरेंट बनाया जाएगा। अभी ऐसा रेस्टोरेंट पूरे उत्तर प्रदेश में सिर्फ नोएडा में बना है।
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Updated: 8 Apr 2023, 9:51 PM IST
Ayodhya news

अयोध्या में पर्यटक 160 फीट ऊपर आसमान में स्वादिष्ट व्यंजनों का स्वाद ले सकेंगे। अभी तक ऐसा रेस्टोरेंट पूरे उत्तर प्रदेश में सिर्फ नोएडा में बना है। पर्यटन विभाग इसके लिए फ्लाई रेस्टोरेंट खुलवाने की तैयारी में हैं। जो गोवा और नोएडा की तर्ज पर होगा। यहां लोग जमीन से 160 फीट ऊपर खाना स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ ले सकेंगे। इसके साथ ही पर्यटक हेलीकॉप्टर से हवाई यात्रा भी कर सकेंगे।

यह रेस्टोरेंट पब्लिक, प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर आधारित होगा। जिसके लिए विभाग ने पूरे देश के निवेशकों से आवाहन किया है। इच्छुक उद्यमियों को विभाग 20% सब्सिडी के साथ उनके इच्छा के अनुरूप जमीन भी मुहैया कराएगी। राम नगरी अयोध्या में एक तरफ मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बन रहा है, तो दूसरी तरफ पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

इसे देखते हुए केंद्र और यूपी सरकार अयोध्या आने वाले पर्यटक के लिए हर सुविधा मुहैया करा रही है। सरकार गोवा, अहमदाबाद, मुंबई और बंगलौर की तर्ज पर अयोध्या में भी फ्लाई रेस्टोरेंट खोलने की तैयारी में है। जो यूपी का दूसरा रेस्टोरेंट होगा। इससे पहले नोएडा के सेक्टर-38 में फ्लाई रेस्टोरेंट 2019 में खुला था।

फ्लाई रेस्टोरेंट खा सकेंगे स्वादिष्ट व्यंजन
पर्यटन विभाग से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि करीब एक एकड़ भूमि पर यह फ्लाई रेस्टोरेंट स्थापित किया जाएगा। पर्यटकों और निवेशकों की पसंद के अनुरूप यह फ्लाई रेस्टोरेंट गुप्ताघाट व नयाघाट क्षेत्र में स्थापित हो सकता है।

गुप्तार घाट और नया घाट पर लग सकता है यह रेस्टोरेंट
नयाघाट और गुप्तारघाट अयोध्या आने वाले हर निवेशकों की पहली पसंद है। निवेशकों के इच्छा के अनुसार उन्हें जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। आवास विकास की जो नव्य अयोध्या बन रही है, उसमें भी हम लोग कुछ जमीनें ले रहे हैं।

उद्यमी जहां तैयार होंगे, वहां फ्लाई रेस्टोरेंट स्थापित करने के लिए जमीनें दी जाएगी। रेस्टोरेंट स्थापित करने की समय सीमा अभी निर्धारित नहीं की गई है, हालांकि इसमें पांच साल का समय भी लग सकता है। आवेदकों के अनुसार आगे की योजना बनाई जाएगी।

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8 Apr 2023, 9:51 PM IST
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