अयोध्या

‘इनके मन में कभी राम के लिए श्रद्धा थी ही नहीं’, राम मंदिर को लेकर अखिलेश यादव पर भड़के हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास

Mahant Raju Das Statement on Akhilesh Yadav: हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने राम मंदिर को लेकर अखिलेश यादव पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख के मन में राम के प्रति कभी आस्था थी ही नहीं यह लोग सिर्फ राजनीति करते हैं।
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Oct 09, 2026
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महंत राजू दास (फोटो- ANI)

Mahant Raju Das Slams Akhilesh Yadav: अयोध्या स्थित सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने  समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के हालिया अयोध्या दौरे को लेकर निशाना साधा है। राम मंदिर दर्शन और भगवान राम के प्रति सपा की आस्था पर सवाल उठाते हुए महंत राजू दास ने अखिलेश यादव और उनके पूरे परिवार पर राम के नाम पर केवल राजनीति करने का आरोप लगाया है। 

'भगवान राम के लिए कभी श्रद्धा थी ही नहीं'

अखिलेश यादव की राम मंदिर न जाने की बात पर महंत राजू दास ने कहा कि उनके मन में तो भगवान के लिए कभी श्रद्धा थी ही नहीं तो फिर उन पर कोई सवाल कैसे उठाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख के मन में भगवान राम या राम मंदिर के प्रति न तो कभी श्रद्धा थी और न ही कभी कोई आस्था रही। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की न तो कभी भगवान राम में आस्था रही और न ही राम मंदिर के प्रति उनके मन में कोई श्रद्धा रही है। उन पर सवाल उठाने का कोई मतलब ही नहीं है।

सत्ता की कुर्सी मिलते ही बदल जाती है मानसिकता

महंत राजू दास ने समाजवादी पार्टी के पुराने बयानों की याद दिलाते हुए अखिलेश यादव पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि जब यह लोग सत्ता की कुर्सी पर बैठते हैं तो इनकी मानसिकता बिल्कुल अलग हो जाती है। महंत ने सवाल उठाया कि, "पहले यह लोग कहते थे किसी भी चौराहे पर एक पत्थर रख दो और एक लाल झंडा लगा दो तो मंदिर बन जाता है। राजू दास ने तीखे अंदाज में पूछा कि क्या कभी उन्होंने यह कहा है कि किसी कोने या चौराहे पर चार ईंट रख दो और उस पर एक चादर चढ़ा दो तो वह मजार बन जाती है। क्या कभी किसी ने सपा नेताओं के मुंह से ऐसी बात सुनी है।"

पूरा परिवार सिर्फ राजनीति कर रहा है

महंत राजू दास ने मुलायम सिंह यादव और रामगोपाल यादव का जिक्र भी किया। राजू दास ने कहा कि चाहे अखिलेश के चाचा रामगोपाल जी हों या फिर मुलायम सिंह जी हों इन सभी ने राम के नाम पर शुरू से ही केवल राजनीति की है। आज भी राजनीति कर रहे हैं और आगे भी सिर्फ राजनीति ही करेंगे। महंत ने अंत में कहा कि जब शुरुआत से ही इनके मन में राम मंदिर को लेकर कोई श्रद्धा नहीं थी तो अब अचानक कैसे जागेगी और वे भला रामलला के दर्शन करने अयोध्या क्यों आएंगे?