अयोध्या

Paramhans Acharya: ‘मौलाना को जितने जूते मारो, उतने करोड़ ले जाओ’, बयान देने वाले कौन हैं परमहंस आचार्य?

Paramhans Acharya Targeted Maulana Ayodhya: भगवान श्रीकृष्ण को लेकर मौलाना जर्जिस अंसारी का पुराना वीडियो दोबारा वायरल होने के बाद विवाद गहरा गया है। अयोध्या के जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने बयान की कड़ी निंदा करते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं लखनऊ के हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
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Jul 17, 2026
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कौन हैं परमहंस आचार्य? फोटो सोर्स- पत्रिका न्यूज

Paramhans Acharya Targeted Maulana: श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए मौलाना जर्जिस अंसारी (Maulana Jarjis Ansari) के एक कथित बयान पर नया विवाद खड़ा हो गया है। मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद के बीच सोशल मीडिया पर वीडियो दोबारा वायरल होने के बाद इस पर संत समाज और हिंदू संगठनों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अयोध्या के जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने बयान की कड़ी निंदा करते हुए प्रशासन से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं मामले में लखनऊ के हजरतगंज थाने में FIR भी दर्ज की गई है।

वायरल वीडियो में क्या कहा गया?

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में मौलाना जर्जिस अंसारी यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि भगवान श्रीकृष्ण मुस्लिम थे और 5 वक्त की नमाज पढ़ते थे। उन्होंने अपने भाषण में दावा किया कि श्रीमद्भगवद्गीता के अध्याय-6 के 10वें श्लोक में पूरे शरीर से इबादत करने का संदेश दिया गया है और इसी आधार पर उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के नमाज पढ़ने की बात कही।

मौलाना ने यह भी कहा कि अगर हिंदू अपने धर्मग्रंथों का सही ढंग से अध्ययन करें तो उन्हें इस्लाम के सिद्धांत बेहतर समझ आएंगे। उनके अनुसार हिंदू धर्मग्रंथों में भी सार्वभौमिक धर्म का संदेश मिलता है।

हालांकि बताया जा रहा है कि यह वीडियो पुराना है, लेकिन श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद के बीच इसके दोबारा वायरल होने से मामला फिर चर्चा में आ गया है।

परमहंस आचार्य ने जताया कड़ा विरोध

अयोध्या के तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने मौलाना के बयान को करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर चोट बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान समाज में धार्मिक तनाव पैदा करते हैं और इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। परमहंस आचार्य ने कहा कि ऐसे लोगों पर कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी सनातन धर्म के देवी-देवताओं को लेकर इस तरह की टिप्पणी करने का साहस न कर सके। उन्होंने कहा, ''मौलाना को जितने जूते मारो, उतने करोड़ हमसे ले जाओ। ऐसे लोगों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।''

गीता के श्लोक की व्याख्या पर विवाद

मौलाना जर्जिस अंसारी ने अपने बयान में श्रीमद्भगवद्गीता के अध्याय-6 के 10वें श्लोक का उल्लेख किया था।

श्लोक :

"योगी युञ्जीत सततमात्मानं रहसि स्थितः।
एकाकी यतचित्तात्मा निराशीरपरिग्रहः॥"

धार्मिक विद्वानों के अनुसार इस श्लोक का अर्थ है कि साधक को एकांत में रहकर मन और इंद्रियों पर नियंत्रण रखते हुए निरंतर परमात्मा का ध्यान करना चाहिए। इसमें इच्छाओं और संग्रह की भावना से मुक्त होकर योग साधना करने की बात कही गई है। विद्वानों का कहना है कि इस श्लोक में नमाज, इस्लाम या किसी अन्य धर्म का कोई उल्लेख नहीं है। इसी वजह से मौलाना की व्याख्या को लेकर विवाद पैदा हुआ है।

लखनऊ में दर्ज हुई FIR

इस मामले में हिंदूवादी नेता शिशिर चतुर्वेदी की शिकायत पर लखनऊ के हजरतगंज थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो और उससे जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

विहिप ने भी जताई आपत्ति

विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने भी मौलाना के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि हिंदू देवी-देवताओं को लेकर इस प्रकार की टिप्पणियां पहले भी सामने आती रही हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई की जाए जिससे भविष्य में धार्मिक भावनाएं भड़काने वाले बयान देने से लोग बचें।

कौन हैं जगद्गुरु परमहंस आचार्य?

जगद्गुरु परमहंस आचार्य अयोध्या की तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर हैं। उनका मूल संबंध बिहार से बताया जाता है, हालांकि बाद में उनका परिवार मध्य प्रदेश के सीधी जिले में रहने लगा। करीब 33-34 वर्ष पहले वे अपने परिवार के साथ अयोध्या पहुंचे थे। उस समय उनकी उम्र लगभग 17 वर्ष थी।

अयोध्या आने के बाद उन्होंने यहीं रहकर साधना का मार्ग अपनाया और सरयू तट पर कुटिया बनाकर रहने लगे। उन्होंने नृत्यगोपाल दास को अपना गुरु माना और बाद में तपस्वी छावनी से जुड़े प्रमुख संतों में उनकी पहचान बनी। आज वे धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर अपने स्पष्ट बयानों के कारण अक्सर चर्चा में रहते हैं।