17 जुलाई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Ayodhya News: राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच 23 जुलाई को RSS-VHP की बड़ी बैठक, श्रद्धालुओं का भरोसा लौटाने पर होगा मंथन

Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच 23 जुलाई को अयोध्या में RSS, VHP और संत समाज की अहम बैठक होगी। श्रद्धालुओं का भरोसा मजबूत करने और आगे की रणनीति पर होगी चर्चा।
2 min read
Google source verification
Ayodhya Ram Mandir RSS VHP Meeting Sant Samaj Meeting

अयोध्या राम मंदिर - फोटो : X-Ayodhya Darshan

Ram Mandir Chadhawa Vivad RSS VHP Meeting: अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े विवाद के बाद अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) सक्रिय हो गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, 23 जुलाई को अयोध्या में संत समाज, मठ-मंदिरों के महंतों और दोनों संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक में श्रद्धालुओं के बीच पैदा हुई शंकाओं और भरोसा मजबूत करने के उपायों पर चर्चा होने की संभावना है।

श्रद्धालुओं का भरोसा कायम रखना रहेगा बैठक का मुख्य मुद्दा

सूत्रों के अनुसार, राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवाद के बाद कई तरह की चर्चाएं सामने आई हैं। ऐसे में बैठक का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं के बीच पैदा हुए भ्रम को दूर करना और यह भरोसा दिलाना होगा कि मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। संघ से जुड़े एक सूत्र का कहना है कि बैठक में अब तक हुई कार्रवाई, एसआईटी की जांच में सामने आए बिंदुओं और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

VHP ने क्या कहा?

विश्व हिंदू परिषद के सूत्र के मुताबिक, इस बैठक का मकसद किसी राजनीतिक रणनीति पर चर्चा करना नहीं है। उनका कहना है कि बैठक पूरी तरह श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखने और मंदिर व्यवस्था को लेकर उठे सवालों पर मंथन करने के लिए बुलाई जा रही है।

राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज

हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राम मंदिर सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि लंबे समय से भारतीय राजनीति का भी एक अहम विषय रहा है। ऐसे में मंदिर प्रबंधन से जुड़े किसी भी विवाद का असर जनभावनाओं और राजनीतिक माहौल दोनों पर पड़ सकता है। इसी वजह से RSS, VHP और संत समाज के बीच होने वाली यह बैठक कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

पारदर्शिता बढ़ाने पर हो सकता है मंथन

सूत्रों के मुताबिक, बैठक में इस बात पर भी विचार किया जा सकता है कि श्रद्धालुओं तक यह संदेश कैसे पहुंचाया जाए कि यदि किसी तरह की अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी। साथ ही चढ़ावे की सुरक्षा और मंदिर प्रबंधन को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए भविष्य की व्यवस्था पर भी चर्चा संभव है।

कौन-कौन होगा शामिल?

जानकारी के अनुसार, इस बैठक में अयोध्या के प्रमुख अखाड़ों, मठों और मंदिरों के संत-महंतों के अलावा RSS और VHP के प्रांतीय स्तर के पदाधिकारी भी शामिल होंगे। बैठक की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और दोनों संगठनों के पदाधिकारी संत समाज से संपर्क कर उन्हें आमंत्रित कर रहे हैं।

फिलहाल आधिकारिक एजेंडा का इंतजार

हालांकि, बैठक के एजेंडे को लेकर अभी तक RSS या VHP की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। फिलहाल सामने आई जानकारी सूत्रों के हवाले से है। बैठक के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि किन मुद्दों पर सहमति बनी और आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।

बड़ी खबरें

View All

अयोध्या

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग