अयोध्या

पीएम मोदी की सौगात के पीछे है ये कारण, अयोध्या और जनकपुर का है पुराना रिश्ता

अयोध्या और जनकपुर का है पुराना रिश्ता
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Updated: 11 May 2018, 1:34 PM IST
narendra modi

अयोध्या. केंद्र की मोदी सरकार नेपाल से राजनीतिक रिश्तों में मधुरता लाने और उन्हें मजबूत बनाने की कवायद में जुटी है। भारत-नेपाल के सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों को प्रगाण करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। हिंदुओं के आराध्य राम की नगरी अयोध्या और उनकी पत्नी सीता के मायके जनकपुर को जोड़ने के लिए सीधी बस सेवा शुरू करने का ऐलान किया है। इस मामले में भारत के प्रधानमंत्री ने नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली के साथ 11 मई को जनकपुर से बस सेवा शुरू करने को लेकर हरी झंडी दिखाई है।

अयोध्या में बस यात्रियों का स्वागत करेंगे मुख्यमंत्री योगी जी

यह पहली बार है जब जनकपुर से अयोध्या के लिए सीधी बस सेवा शुरू की जा रही है। बस सेवा में तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे परिवहन आयुक्त पी गुरू प्रसाद ने अयोध्या पहुंचने पर बस के स्वागत और अन्य तैयारियों के बीच अधिकारियों से बातचीत की। एक ओर 11 मई को प्रधानमंत्री जनकपुर से बस सेवा शुरू करने को लेकर हरी झंडी दिखाएंगे, तो वहीं 12 मई को मुख्यमंत्री अयोध्या में बस यात्रियों का स्वागत कर सकते हैं।

मायके और ससुराल का रिश्ता है अयोध्या-जनकपुर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 और 12 मई को नेपाल के दौरे पर रहेंगे। नेपाल के दौरे की शुरूआत यहां के एतिहासिक शहर जनकपुर से होनी है। जनकपुर वो शहर है जहां पर राम-सीता का विवाह हुआ था। बाद में यहां पर जानकी मंदिर बना दिया गया। समय के साथ जनकपुर में काफी बदलाव आ गया है। अयोध्या और जनकपुर के बीच मायके और ससुराल का रिश्ता माना जाता है।

आसपास हैं खूबसूरत टूरिस्ट स्पॉट्स

यह जगह पर्यटन के लिहाज से लोगों के द्वारा पसंद की जाती है। जनकपुरी और आसपास के पर्यटक स्थल बेहतरीन डेस्टिनेशन्स में से एक माने जाते हैं। यहां पर आसपास कई टूरिस्ट स्पॉट्स हैं, जो एक बेहतरीन डेस्टिनेशन माने जाते हैं।

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11 May 2018, 1:34 PM IST
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