
Ram Temple New CEO Announcement: अयोध्या के राम मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद के लिए दो दिनों तक चला इंटरव्यू बुधवार को खत्म हो गया है। इस अहम पद के लिए बिहार के DG, यूपी के चर्चित एनकाउंटर स्पेशलिस्ट और सेना के रिटायर्ड ब्रिगेडियर तक ने अपनी दावेदारी पेश की है। इंटरव्यू खत्म होने के बाद अब अंतिम तीन नामों पर मंथन चल रहा है जिन पर जल्द ही मुहर लग सकती है।
राम मंदिर के CEO पद के लिए बुधवार को दूसरे दिन का इंटरव्यू हुआ। अंतिम दिन कुल दस आवेदकों को बुलाया गया था जिनमें से दो गैरहाजिर रहे और आठ ने इंटरव्यू दिया। इन सभी उम्मीदवारों से चयनकर्ताओं ने उनके अनुभव, कार्यशैली और मंदिर प्रबंधन को लेकर कई अहम सवाल पूछे। चयन समिति ने उम्मीदवारों के अनुभव और काम करने के तरीके को भी समझने की कोशिश की।
इंटरव्यू देने वालों में बिहार के पुलिस महानिदेशक डॉ परेश सक्सेना, यूपी के जाने-माने एनकाउंटर स्पेशलिस्ट रहे रिटायर्ड IPS राजेश पांडेय और रिटायर्ड ब्रिगेडियर सत्येंद्र कुमार सिन्हा जैसे बड़े नाम शामिल रहे। राजेश पांडेय फिलहाल यूपीगीडा के सुरक्षा सलाहकार भी हैं। इसके अलावा यूपी के वरिष्ठ आईपीएस राजीव सबरवाल भी मंदिर परिसर में नजर आए हालांकि उनके इंटरव्यू देने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि सेना के कुल 4 रिटायर्ड अफसर दूसरे दिन इंटरव्यू देने पहुंचे थे।
बिहार के DG डॉ परेश सक्सेना मंगलवार को ही अयोध्या पहुंच गए थे। हालांकि उनके रिटायरमेंट में अभी कुछ महीने बाकी हैं और उन्होंने इंटरव्यू देने की बात की सार्वजनिक तौर पर पुष्टि नहीं की। लेकिन इस दौरान उन्होंने मणिराम छावनी जाकर राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास से मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने पीठाधीश्वर डॉ रामानंद दास और मलूका पीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्र देवाचार्य से मिलकर उनका आशीर्वाद भी लिया।
दो दिन चले इस महामंथन के बाद अब 3 नामों को शॉर्टलिस्ट किया जा रहा है। इन तीन नामों में से किसी एक पर अंतिम फैसला राम मंदिर ट्रस्ट लेगा। जानकारों का मानना है कि इस पद पर उसी अधिकारी की नियुक्ति होगी जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा के प्रति पूरी तरह निष्ठावान हो। इसके साथ ही ट्रस्टियों के साथ बेहतर तालमेल बनाने और आम श्रद्धालुओं के प्रति सेवा-भाव रखने वाले उम्मीदवार को ही इस बड़ी जिम्मेदारी के लिए प्राथमिकता मिलेगी।
इंटरव्यू लेने वाले पैनल में रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी और उद्योगपति सुरेश हावड़े मौजूद रहे। उन्होंने उम्मीदवारों से अलग-अलग और समूह में सवाल किए। इंटरव्यू में शामिल होने आए सभी दावेदारों ने रामलला के दर्शन किए। सुरक्षा कारणों से इन सभी की गाड़ियां जगद्गुरु शंकराचार्य प्रवेश द्वार के पास ही खड़ी करा दी गई थीं। ट्रस्ट के वाहनों से उन्हें इंटरव्यू स्थल तक ले जाया गया और वापसी में सभी को रामलला का प्रसाद देकर पूरे सम्मान के साथ विदा किया गया। अब दो दिन की चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद CEO का नाम तय करने के लिए ट्रस्ट 2 सितंबर को बैठक करेगा और नाम की घोषणा 3 सितंबर को की जाएगी।