अयोध्या

Ram Mandir CEO: राम मंदिर में CEO होगा, लेकिन पूजा-पाठ का फैसला कौन करेगा? आस्था और प्रशासन के बीच ऐसे बंटेगी जिम्मेदारी

Ram Mandir CEO Role: राम मंदिर में CEO की नियुक्ति की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। लेकिन सवाल है कि CEO की जिम्मेदारी कहां तक होगी? पूजा-पाठ, धार्मिक परंपराओं और प्रशासनिक कामों के बीच कैसे बंटेगी जिम्मेदारी, जानिए पूरी जानकारी।
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Aug 11, 2026
Ram Mandir CEO Ram Mandir CEO Selection Ram Mandir CEO Role
अयोध्या राम मंदिर (photo- x @ShriRamTeerth)

Ram Mandir CEO Selection: राम मंदिर में मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO की नियुक्ति की प्रक्रिया अब अंतिम दौर में है। लेकिन इस नियुक्ति के बीच एक अहम सवाल भी सामने आया है, मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था संभालने वाले CEO की भूमिका कहां तक होगी और धार्मिक फैसले कौन लेगा?

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में CEO की नियुक्ति का मकसद मंदिर से जुड़ी रोजमर्रा की व्यवस्थाओं को बेहतर तरीके से संभालना है। हालांकि, राम मंदिर केवल एक प्रशासनिक संस्था नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में धार्मिक परंपराओं और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाए रखना भी उतना ही जरूरी होगा।

आस्था और व्यवस्था, दोनों की अपनी अलग भूमिका

राम मंदिर की धार्मिक समिति के सदस्य और सिद्धपीठ हनुमान निवास के पीठाधीश्वर आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण ने इसी मुद्दे पर अहम बात कही है। BHU में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने मंदिर की व्यवस्था को मोटे तौर पर दो हिस्सों में समझाया, आस्था और प्रशासन। उनके अनुसार मंदिर की आस्था का संबंध पूजा-पद्धति, धार्मिक परंपराओं, अनुष्ठानों और मंदिर के मूल स्वरूप से है। दूसरी तरफ श्रद्धालुओं की भीड़ संभालना, साफ-सफाई, सुरक्षा, निर्माण, वित्तीय प्रबंधन और आने-जाने की व्यवस्था जैसे काम प्रशासनिक श्रेणी में आते हैं। यानी CEO की जिम्मेदारी मुख्य रूप से मंदिर के प्रबंधन और प्रशासन से जुड़ी हो सकती है, जबकि पूजा और धार्मिक परंपराओं से जुड़े निर्णय अलग व्यवस्था के तहत चलते रहेंगे।

क्या CEO पूजा-पाठ के फैसले लेगा?

यही वह सवाल है जो CEO की नियुक्ति के साथ सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है। आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण ने साफ किया कि वह मंदिरों में CEO की नियुक्ति के खिलाफ नहीं हैं। उनका कहना है कि अगर CEO नियुक्त किया जाता है तो उसकी भूमिका और अधिकारों की सीमा स्पष्ट होनी चाहिए। इसका सीधा मतलब यह है कि प्रशासनिक अधिकारी मंदिर की व्यवस्थाओं को संभाल सकता है, लेकिन धार्मिक परंपराओं और पूजा-पद्धति से जुड़े फैसलों की अपनी अलग व्यवस्था होनी चाहिए।

इसे आसान भाषा में समझें तो-

  • पूजा-पाठ और धार्मिक परंपराएं: धार्मिक व्यवस्था के तहत
  • श्रद्धालुओं की भीड़ और दर्शन व्यवस्था: प्रशासनिक प्रबंधन
  • साफ-सफाई और सुरक्षा: प्रशासनिक जिम्मेदारी
  • निर्माण और रखरखाव: प्रबंधन से जुड़े काम
  • वित्तीय और रोजमर्रा का संचालन: CEO की संभावित जिम्मेदारी
  • धार्मिक स्वरूप और परंपराएं: संबंधित धार्मिक व्यवस्था के अनुरूप

5200 से ज्यादा आवेदनों में 18 उम्मीदवार

CEO की नियुक्ति को लेकर ट्रस्ट ने बड़ी चयन प्रक्रिया शुरू की है। पद के लिए 5200 से अधिक आवेदन आए थे, जिनमें से 18 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। इन उम्मीदवारों के इंटरव्यू के लिए तीन सदस्यीय चयन समिति बनाई गई है। इसमें सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) विष्णुकांत चतुर्वेदी और शिर्डी साईबाबा ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष सुरेश हवारे शामिल हैं। बताया जा रहा है कि बड़े स्तर पर प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाल चुके उम्मीदवारों को प्राथमिकता मिल सकती है।

2 सितंबर को तय होगा नाम

इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयन समिति उम्मीदवारों के नाम का पैनल राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपेगी। इसके बाद 2 सितंबर को प्रस्तावित ट्रस्ट बैठक में अंतिम नाम पर विचार किया जाएगा। ट्रस्ट की मंजूरी मिलने के बाद ही नए CEO की आधिकारिक घोषणा होगी।

चढ़ावा मामले के बीच भी प्रशासन पर फोकस

राम मंदिर में CEO की नियुक्ति ऐसे समय हो रही है जब चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी मामले की जांच भी चल रही है। मामले में जेल भेजे गए आठ आरोपितों की न्यायिक हिरासत 22 अगस्त तक बढ़ा दी गई है। आरोपितों की ओर से एंटी करप्शन की धाराओं को हटाने की मांग को लेकर भी प्रार्थना पत्र दिया गया है, जिस पर 12 अगस्त को सुनवाई होनी है।

ऐसे माहौल में मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लेकिन CEO की नियुक्ति के साथ सबसे अहम बात यही होगी कि प्रशासनिक कामकाज और मंदिर की धार्मिक परंपराओं के बीच स्पष्ट सीमा और बेहतर तालमेल कैसे बनाया जाता है।

Updated on:
11 Aug 2026 09:54 am
Published on:
11 Aug 2026 09:54 am