अयोध्या

Ram Mandir Construction Cost: 800 करोड़ का अनुमान, 2200 करोड़ का खर्च! राम मंदिर निर्माण लागत पर क्यों उठ रहे सवाल, जानिए पूरा मामला

Ram Mandir Controversy: राम मंदिर निर्माण की अनुमानित लागत 800 करोड़ रुपये से बढ़कर 2200 करोड़ रुपये होने के दावे पर नया विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व लेखा प्रभारी ने SIT को साक्ष्य सौंपे हैं। जानिए पूरा मामला।
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Aug 04, 2026
Ram Mandir News Ayodhya Ram Mandir Ram Mandir Construction Cost
राम मंदिर निर्माण लागत पर नया विवाद

Ram Mandir SIT Investigation: राम मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले की जांच अभी जारी है। इसी बीच अब मंदिर निर्माण की लागत को लेकर भी नए सवाल उठने लगे हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह ने जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को कुछ दस्तावेज और साक्ष्य सौंपते हुए दावा किया है कि मंदिर निर्माण की शुरुआती अनुमानित लागत करीब 800 करोड़ रुपये थी, लेकिन बाद में यह खर्च बढ़कर करीब 2200 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बढ़ोतरी कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए की गई। हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी जारी है और ट्रस्ट की ओर से इन पर आधिकारिक प्रतिक्रिया आना बाकी है।

एसआईटी को सौंपे दस्तावेज और नए आरोप

महिपाल सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने पहले लगाए गए आरोपों के समर्थन में एसआईटी को दस्तावेज सौंपे हैं। साथ ही कुछ नए बिंदु भी जांच एजेंसी के सामने रखे हैं। इससे पहले भी उन्होंने दावा किया था कि वर्ष 2021 में ही उन्हें चढ़ावे से जुड़े वित्तीय लेन-देन में गड़बड़ियों की जानकारी मिली थी। बताया जा रहा है कि 26 जुलाई को एसआईटी के अध्यक्ष और लखनऊ के कमिश्नर विजय विश्वास पंत ने महिपाल सिंह को ई-मेल भेजकर साक्ष्य उपलब्ध कराने के लिए कहा था। जरूरत पड़ने पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बयान दर्ज करने की भी बात कही गई थी।

800 करोड़ से 2200 करोड़ तक कैसे पहुंचा खर्च?

महिपाल सिंह का दावा है कि ट्रस्ट के गठन के समय राम मंदिर निर्माण की अनुमानित लागत करीब 800 करोड़ रुपये तय की गई थी। लेकिन बाद में निर्माण पर लगभग 2200 करोड़ रुपये खर्च किए गए। उनका आरोप है कि इस दौरान कई फैसले ऐसे लिए गए, जिनसे लागत में काफी बढ़ोतरी हुई। फिलहाल यह दावा जांच के दायरे में है और इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

निर्माण कार्य और सामग्री को लेकर भी उठाए सवाल

महिपाल सिंह ने निर्माण प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि परियोजना की निगरानी ऐसे अधिकारी को दी गई, जिन्हें सिविल इंजीनियरिंग का अनुभव नहीं था। उन्होंने यह भी दावा किया कि जहां कुछ निर्माण सामग्री बिना लागत के उपलब्ध हो सकती थी, वहां दूसरी जगह से खरीदारी की गई। इन आरोपों की भी जांच एजेंसियां अपने स्तर पर कर रही हैं।

भुगतान प्रक्रिया पर भी लगाए आरोप

पूर्व लेखा प्रभारी ने एसआईटी को दिए अपने बयान में आरोप लगाया कि कुछ ऐसे लोगों के नाम पर भी भुगतान किया गया, जिन्होंने कोई काम नहीं किया। उन्होंने वित्तीय प्रबंधन से जुड़े कुछ अधिकारियों पर निर्माण कंपनियों के बिल रोकने और भुगतान प्रक्रिया में अनियमितता के भी आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन दावों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

क्या है पूरा मामला?

राम मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने इसकी जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) गठित की थी। जांच के दौरान पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें चढ़ावे के प्रबंधन से लेकर निर्माण लागत और भुगतान प्रक्रिया तक के मुद्दे शामिल हैं। अब एसआईटी इन सभी दस्तावेजों और आरोपों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या किसी स्तर पर वित्तीय अनियमितता हुई है।

Updated on:
04 Aug 2026 09:45 am
Published on:
04 Aug 2026 09:45 am
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