
Ram Mandir Donation Row: राम मंदिर के दान (चढ़ावा) से जुड़े विवाद के बीच एक बार फिर जांच को लेकर नई मांग उठी है। अयोध्या धाम के महंत दिलीप दास ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए बनने वाली स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) में केंद्र या राज्य सरकार के अधिकारियों को शामिल नहीं किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए, तभी लोगों का भरोसा मजबूत होगा।
महंत दिलीप दास ने कहा कि वह हाथ जोड़कर सुप्रीम कोर्ट से अपील करते हैं कि इस मामले की जांच के लिए ऐसी SIT बनाई जाए, जिसकी निगरानी सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान या सेवानिवृत्त जज करें। उनके मुताबिक, पहले भी कई मामलों में SIT बनी, लेकिन लोगों को उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं मिले।
महंत ने कहा कि अब तक हुई जांच से कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आया है। इसलिए जरूरत है कि ऐसी जांच हो, जिस पर हर पक्ष भरोसा कर सके। उनका मानना है कि अगर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच होगी तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच संभव होगी और लोगों के मन में उठ रहे सवालों के जवाब भी मिलेंगे।
महंत दिलीप दास ने कहा कि यदि सुप्रीम कोर्ट अपने किसी वर्तमान या रिटायर्ड जज की निगरानी में SIT गठित करता है, तो संत समाज ऐसे फैसले का स्वागत करेगा। उनका कहना है कि इस मामले में पारदर्शिता सबसे ज्यादा जरूरी है, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे।
राम मंदिर के चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित गड़बड़ी और चोरी के आरोप सामने आने के बाद पूरे मामले की जांच चल रही है। इस प्रकरण में कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच एजेंसियां मामले की पड़ताल कर रही हैं। इसी बीच जांच की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर अलग-अलग पक्षों की ओर से लगातार बयान सामने आ रहे हैं। महंत दिलीप दास का यह बयान भी उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।