
अयोध्या. अयोध्या में मंदिर निर्माण (Ram temple) के लिए राम भक्तों ने दिल खोलकर दान दिया। देश भर में 44 दिन तक चले निधि समर्पण अभियान में अब तक कि गणना के अनुसार 2100 करोड़ रुपए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खातों में आ चुके हैं। 15 जनवरी मकर संक्रांति के दिन शुरू हुआ यह अभियान शनिवार को संत रविदास जयंती के मौके पर समाप्त हुआ। शनिवार को लखनऊ पहुंचे ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि दाता (श्रीराम) को देना ठीक नहीं, यह समर्पण भाव है। अमीनाबाद में दवा व्यवसायियों ने भी उन्हें राम मंदिर के लिए 19,56,106 रुपए की धनराशि भेंट की। चंपत राय ने कहा कि यह मंदिर किसी एक व्यक्ति का नहीं, यह राष्ट्र का मंदिर है, जो सबकी समर्पण निधि से मिलकर तैयार किया जा रहा है। इस मौके पर विधि एवं न्याय मंत्री बृजेश पाठक की मौजूद रहे।
आज देशवासियों के पास मौका हैः चंपत राय
चंपत राय ने कहा कि स्वतंत्र भारत की कानूनी लड़ाई के बाद आज देशवासियों के पास यह मौका है कि भगवान श्रीराम का यह राष्ट्र मंदिर तैयार हो रहा है। बड़ी आसानी से लोग इसे आस्था की जीत कह देते हैं, वास्तव में लंबी लड़ाई के बाद तकनीकी साक्ष्यों के साथ जीत हासिल हुई है। स्वतंत्र भारत में 70 साल की न्यायिक लड़ाई के बाद यह मौका आया है।
अभी और भी धन आना बाकी-
राम जन्मभूमि तीर्थ के कोषाध्यक्ष गोविन्ददेव गिरी ने बताया कि अब तक 2100 करोड़ धनराशि ट्रस्ट के खातों में पहुंच चुकी है और अब विदेशों में रहने वाले राम भक्त भी इस अभियान शामिल हो सके इसके लिए जल्द ट्रस्ट की अगली बैठक में निर्णय लेगी। ट्रस्ट कोषाध्यक्ष ने बताया कि अभी भी बड़ी संख्या में चेक और कैश जमा होने हैं क्योंकि आज निधि समर्पण अभियान का आखरी दिन है और 2 दिन बैंक बंद हैं। ऐसे में अभी और भी धन रामलला के निमित्त आना बाकी है।