अयोध्या

Ram Mandir Donation Scam: 2 आरोपियों को 14 घंटे की पुलिस रिमांड पर भेजा, कैश काउंटिंग का खुलेगा राज?

Ayodhya Ram Mandir News: अयोध्या राम मंदिर दान गबन मामले में दो आरोपियों को 14 घंटे की पुलिस रिमांड मिली है। पुलिस कैश काउंटिंग प्रक्रिया, बैंक खातों और कथित गबन की जांच कर रही है।
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Jul 15, 2026
Ram Mandir Donation Scam Ayodhya Ram Mandir News Ram Mandir Donation Case
राम मंदिर दान गबन केस में बड़ा एक्शन (photo-x @ani)

Ayodhya News: अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित गबन के मामले की जांच तेज हो गई है। इस मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और रामाशंकर मिश्रा को अदालत ने 14 घंटे की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। दोनों को अयोध्या जिला जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस अपने साथ ले गई, जहां उनसे कैश काउंटिंग सिस्टम, पैसों के लेनदेन और कथित गड़बड़ियों को लेकर पूछताछ की जाएगी।

कौन हैं दोनों आरोपी?

पुलिस के अनुसार, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी हैं और राम मंदिर में दान पेटियों से निकली नकदी की गिनती (Cash Counting Operations) की निगरानी की जिम्मेदारी संभालते थे। वहीं रामाशंकर मिश्रा भी इस पूरे कैश प्रबंधन तंत्र से जुड़े बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि दोनों से पूछताछ में गबन के तरीके और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है।

अब तक क्या-क्या हुआ है?

अब तक इस मामले में एफआईआर में नामजद सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान कई बैंक खातों, लेनदेन और वित्तीय रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। आरोपियों और उनके परिजनों से जुड़े करीब 50 बैंक खातों को भी जांच के दायरे में लिया गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि दान की रकम का कहीं गलत इस्तेमाल तो नहीं हुआ।

SIT जांच में क्या सामने आया?

स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की शुरुआती जांच में दान की गिनती और सुरक्षा व्यवस्था में कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कैश काउंटिंग के दौरान तय मानक प्रक्रियाओं (SOPs) का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। जांच में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली में भी कई कमियां मिलने की बात कही गई है।

राम मंदिर ट्रस्ट ने बदले नियम

विवाद सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दान की गिनती की पूरी प्रक्रिया में बदलाव शुरू कर दिए हैं। अब कर्मचारियों की पहचान के लिए QR आधारित आईडी, कड़ी निगरानी और नए सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए जा रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की आशंका कम हो सके।

पुलिस रिमांड में क्या होगा?

पुलिस रिमांड के दौरान जांच टीम दोनों आरोपियों से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी। जांच का फोकस यह पता लगाने पर रहेगा कि कथित गबन कैसे हुआ, इसमें और कौन-कौन शामिल था तथा दान की रकम कहां-कहां पहुंची। फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है। पुलिस ने अभी किसी अंतिम निष्कर्ष की घोषणा नहीं की है और आरोप सिद्ध होना बाकी है।

Updated on:
15 Jul 2026 09:41 am
Published on:
15 Jul 2026 09:41 am