
Ram Mandir Donation Theft Case: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। पुलिस रिमांड के दौरान गिरफ्तार आरोपियों रमाशंकर मिश्रा और सुभाष श्रीवास्तव से हुई पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसियां अब इन बयानों के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने और यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित तौर पर चोरी की रकम कहां-कहां पहुंची और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका हो सकती है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूरे घटनाक्रम का सीन रिक्रिएट कराया। अधिकारियों ने उनसे यह समझने की कोशिश की कि कथित चोरी की योजना कैसे बनाई गई, उसे किस तरह अंजाम दिया गया और बाद में नकदी व अन्य सामान को कहां और कैसे रखा गया। पूछताछ के दौरान पुलिस आरोपियों के जवाबों का मिलान भी करती रही ताकि बयानों में किसी तरह के विरोधाभास की जांच की जा सके।
जांच के सिलसिले में पुलिस रमाशंकर मिश्रा को मीरापुर स्थित उसके किराए के मकान पर भी लेकर गई। यहां से एक पिठ्ठू बैग बरामद किया गया। हालांकि पुलिस ने अभी तक यह नहीं बताया है कि बैग में क्या मिला, लेकिन बरामद सामान की जांच की जा रही है और आधिकारिक जानकारी आने का इंतजार है।
जांच टीम आरोपियों को उस स्थान पर भी लेकर गई, जहां पूछताछ में उन्होंने कथित तौर पर चोरी की रकम के बंटवारे की बात बताई थी। पुलिस ने मौके पर पूरे घटनाक्रम को दोबारा समझने की कोशिश की ताकि यह स्पष्ट हो सके कि रकम एक जगह से दूसरी जगह कैसे पहुंचाई गई। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने इस दौरान आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के घर भी जांच की, हालांकि वहां की कार्रवाई को लेकर अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, रमाशंकर मिश्रा ने पूछताछ के दौरान यह भी बताया कि बड़ी रकम को संदेह से बचाते हुए किस तरह छिपाया जाता था और बाद में उसे अलग-अलग तरीके से इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस इन दावों की पुष्टि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से मिली जानकारियों के आधार पर अब पूरे नेटवर्क और संभावित अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
बुधवार को पुलिस ने रमाशंकर मिश्रा के पिता छड्डूलाल मिश्रा से भी करीब पांच घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उनके बैंक खातों, आय के स्रोत और संपत्तियों से जुड़ी जानकारी ली गई। छड्डूलाल मिश्रा, जो अयोध्या के एक मंदिर में पुजारी हैं, ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा पिछले चार-पांच वर्षों से अलग रह रहा था और काफी समय से दोनों के बीच कोई संपर्क नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि उनके बैंक खाते में मौजूद धन उनकी अपनी कमाई का है और कटरा क्षेत्र में खरीदी गई जमीन भी वैध आय से ली गई है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच के बाद उनके बैंक खाते को फ्रीज नहीं किया गया।
पुलिस का कहना है कि मामला अभी जांच के अधीन है। आरोपियों से मिली जानकारी, बरामद साक्ष्यों और बैंक रिकॉर्ड की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।