
राम मंदिर दान विवाद पर संजय निषाद का बयान। फोटो सोर्स-IANS
Ram Mandir Donation Dispute Case Ayodhya: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद (Sanjay Nishad) ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर तथ्यों से ज्यादा राजनीति कर रहा है। सरकार की नीति पूरी तरह स्पष्ट है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होगी, जबकि किसी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा।
संजय निषाद ने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर विपक्ष लगातार बेबुनियाद आरोप लगा रहा है। उनके मुताबिक विपक्ष केवल बयानबाजी, पोस्टरबाजी और प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित राजनीति कर रहा है। उन्होंने कहा कि जनता ऐसे रवैये को समझ चुकी है, इसलिए विपक्ष सत्ता से दूर है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि किसी महल में चोरी होती है तो कार्रवाई चोर के खिलाफ होती है, न कि महल बनाने वाले या उसमें रहने वालों के खिलाफ। इसी तरह यदि राम मंदिर से जुड़े किसी मामले में चोरी हुई है तो जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी। मंदिर निर्माण से जुड़े लोगों या करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में विशेष जांच दल (SIT) की दूसरी रिपोर्ट पर संजय निषाद ने कहा कि जांच एक संवैधानिक और गोपनीय प्रक्रिया होती है। रिपोर्ट आने से पहले किसी तरह की अटकलें लगाना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद उसका विश्लेषण किया जाता है और फिर सरकार आवश्यक निर्णय लेती है। जरूरत पड़ने पर रिपोर्ट अदालत और जनता के सामने भी रखी जाती है।
संजय निषाद ने कहा कि जनता के धन का उपयोग पूरी पारदर्शिता के साथ होना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि केवल मंदिर ट्रस्ट ही नहीं, बल्कि वक्फ बोर्ड, चर्च, गुरुद्वारों और अन्य धार्मिक संस्थानों के वित्तीय लेनदेन के लिए भी समान और सख्त कानून बनाया जाना चाहिए। साथ ही सभी संस्थानों की आय-व्यय की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
ज्ञानवापी मामले पर उन्होंने कहा कि जहां मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाए जाने के दावे को लेकर विवाद है, वहां समाधान न्यायिक प्रक्रिया के जरिए ही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राम मंदिर मामले की तरह अन्य विवादों में भी अदालत के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी के नेताओं से भी इस विषय पर आगे आने की बात कही।
लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के सभी 18 हॉस्टलों में नॉन-वेज भोजन पर रोक लगाने के फैसले का समर्थन करते हुए संजय निषाद ने कहा कि संतुलित शाकाहारी भोजन से भी शरीर को आवश्यक पोषक तत्व मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, मिनरल, वसा और पानी जैसे सभी तत्व संतुलित भोजन से मिल रहे हैं तो मांसाहार अनिवार्य नहीं है।
उन्होंने दावा किया कि कुछ वैज्ञानिक अध्ययनों में मांसाहार को कई स्वास्थ्य समस्याओं से भी जोड़ा गया है। भारत में अनाज, दाल और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं, इसलिए लोगों को संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
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Updated on:
15 Jul 2026 04:05 pm
Published on:
15 Jul 2026 04:05 pm
