अयोध्या

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: चंपत राय बोले- कलंक लेकर अयोध्या नहीं जाऊंगा, टिन्नू यादव ने धोखा दिया, राम मूर्ति की ओर इशारा कर कहा- चिंता किस बात की

Ram Mandir Donation Theft: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में लगातार घिर रहे तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने बेहद करीबी लोगों के सामने मन की बात रख दी है। सूत्रों के मुताबिक चंपत राय ने कहा है कि वे कलंक लेकर अयोध्या से नहीं जाएंगे।
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Jul 01, 2026
Ram Mandir Chadava Chori Mamla

Ram Mandir Donation Theft Update: चंपत राय ने करीबियों से बातचीत में कहा कि अयोध्या में मेरी सेवा हो चुकी है, मंदिर बन गया है। लेकिन कलंक लेकर अयोध्या से नहीं जाऊंगा। करीबी सूत्रों के अनुसार, चंपत राय ने आरोपी टिन्नू यादव को लेकर भी दुख जताया। उन्होंने कहा कि टिन्नू यादव ने धोखा दे दिया, मुझे ऐसी उम्मीद उससे बिल्कुल नहीं थी।

साधारण कमरा, बिस्तर के पास राम मूर्ति

तीर्थ क्षेत्र पुरम में 80 वर्षीय चंपत राय जिस कमरे में रह रहे हैं, वह बेहद सादा है। बिस्तर के पास भगवान राम की एक मूर्ति रखी है। सूत्रों का कहना है कि जब उनके साथ बैठे करीबी लोग आरोपों के बाद उनकी सेहत को लेकर चिंता जता रहे थे तो चंपत राय ने राम जी की मूर्ति की तरफ इशारा करते हुए कहा कि मुझे किस बात की चिंता। ये आरोप लगवाए हैं तो यही हटाएंगे।

चंपत राय पर लगातार उठ रहे हैं सवाल

बता दें कि चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। SIT की पूछताछ के बाद फिलहाल वे एकांतवास में हैं और एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि रिपोर्ट आने के बाद ही वे सार्वजनिक तौर पर अपना पक्ष रखेंगे।

'भगवान बुलाएंगे तो कोई रोक नहीं पाएगा'

इसी बीच करीब 20 घंटे तक नजरबंद रखने के बाद पुलिस ने मंगलवार रात 9 बजे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को हनुमानगढ़ी और रामलला के दर्शन कराए।दर्शन के बाद अजय राय ने कहा कि भगवान जब बुलाएंगे तो कोई रोक नहीं पाएगा। कोई सरकार सत्ता नहीं रोक सकती। मैं महादेव का भक्त हूं। निश्चित तौर से आज भगवान ने बुलाया। प्रभु से एक ही चीज मांगी कि यहां जो चोरी हो रही है, उन्हें दंड मिले।

बता दें कि सोमवार देर रात अजय राय को नजरबंद कर दिया गया था, जबकि प्रयागराज से कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह और बाराबंकी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व राज्यसभा सांसद एपी गौतम को भी घरों से बाहर नहीं निकलने दिया गया। दरअसल कांग्रेस ने रामलला के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए 9 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भेजने का फैसला किया था, जिसका नेतृत्व अजय राय करने वाले थे, लेकिन दर्शन से पहले ही उन्हें नजरबंद कर लिया गया था। इसके बाद अजय राय की पत्नी रीना राय ने आरोप लगाया कि उनके पति की आवाज दबाने के लिए सरकार किसी भी हद तक जाने को तैयार है और सहयोगियों को गलत जानकारी देकर भटकाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 'चढ़ावा चोरों' के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी।

Updated on:
01 Jul 2026 10:52 am
Published on:
01 Jul 2026 10:24 am