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Ram Mandir Donation Controversy Row: ‘चंपत राय के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की धाराएं लगाई जाएं’, संतोष दुबे ने भेजा ज्ञापन

Ram Mandir Donation Controversy Row Update: राम मंदिर चंदा विवाद में ताजा अपडेट सामने आया है। कारसेवक संतोष दुबे ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा है।
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अयोध्या राम मंदिर दान विवाद में ताजा अपडेट। फोटो सोर्स- पत्रिका न्यूज

Ayodhya Ram Mandir Donation Controversy Case Update: राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े कारसेवक संतोष दुबे ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम जिला अधिकारी के माध्यम से ज्ञापन भेजते हुए ट्रस्ट को तत्काल भंग करने और राम मंदिर चंदा विवाद में नामजद आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में ट्रस्ट की मौजूदा संरचना बदलने के साथ नए स्वरूप में पुनर्गठन की भी मांग की गई है।

चंदा, जमीन और गबन के मामलों का किया जिक्र

संतोष दुबे ने कहा कि राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि से जुड़े कथित चोरी, गबन और जमीन खरीद-फरोख्त के मामलों का उल्लेख किया गया है। उनका कहना है कि इन मामलों में गंभीर आरोप सामने आए हैं और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

कुछ लोगों पर लगाए गंभीर आरोप

संतोष दुबे ने दावा किया कि चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा समेत कुछ अन्य लोगों पर गंभीर आरोप हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों के साथ कई अन्य व्यक्ति भी कथित चंदा गबन प्रकरण से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं और जांच को अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचाया जाना चाहिए।

एसआईटी जांच पर भी उठाए सवाल

कारसेवक संतोष दुबे ने विशेष जांच दल (SIT) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि एसआईटी की जांच अपेक्षित परिणाम तक नहीं पहुंची और वास्तविक आरोपियों तक कार्रवाई नहीं हो सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच में लीपापोती की गई है, जिससे पूरे मामले की सच्चाई सामने नहीं आ पाई।

ट्रस्ट भंग कर नए सिरे से गठन की मांग

ज्ञापन में संतोष दुबे ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग कर नए सिरे से उसका गठन करने की मांग की है। उन्होंने सुझाव दिया कि नए ट्रस्ट में चारों शंकराचार्यों और राम जन्मभूमि आंदोलन में शहीद हुए कारसेवकों के परिजनों को शामिल किया जाए। उनका कहना है कि यह ट्रस्ट साधु-संतों और आंदोलन से जुड़े लोगों के नेतृत्व में होना चाहिए।

राजनीतिक और प्रशासनिक हस्तक्षेप पर जताई आपत्ति

संतोष दुबे ने कहा कि ट्रस्ट में आईएएस, आईपीएस, सांसद, विधायक, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री या अन्य राजनीतिक एवं प्रशासनिक पदों से जुड़े लोगों की आवश्यकता नहीं है। उनके अनुसार ट्रस्ट का संचालन केवल धार्मिक और आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों के हाथों में होना चाहिए।

गैंगस्टर एक्ट और NSA के तहत कार्रवाई की मांग

कारसेवक ने राष्ट्रपति से मांग की कि जिन लोगों पर आरोप लगाए जा रहे हैं, उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए। उन्होंने आगे कहा कि जिन लोगों पर आरोप लगाए जा रहे हैं, जिनमें चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोपाल राव तथा अन्य संबंधित लोग शामिल हैं, उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की धाराएं लगाई जाएं। इसके साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत भी कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को जेल भेजने की मांग की गई है। उनका कहना है कि आरोपियों के खुले रहने से निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है।

मामले में निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई

संतोष दुबे ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है, इसलिए इससे जुड़े किसी भी विवाद की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि लोगों का विश्वास कायम रहे।

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