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‘चंपत राय की सुरक्षा में 400 प्राइवेट गार्ड्स और ₹12 करोड़ का खर्च’, राम मंदिर विवाद में सुप्रिया श्रीनेता का बड़ा बयान

Ram Mandir Donation Controversy: अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर बोला तीखा हमला। सुप्रिया श्रीनेत ने सुप्रीम कोर्ट के जज से जांच कराने की मांग की।
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Champat Rai security controversy

चंपत राय की सिक्योरिटी को लेकर मचा सियासी बवाल | फोटो सोर्स- patrika.com

Ram Mandir Champat Rai: अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेता ने गंभीर आरोप लगाए हैं। सुप्रिया श्रीनेत ने दावा किया है कि यह सिर्फ छोटा-मोटा चंदा या चढ़ावा चोरी का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक पूरा आपराधिक गैंग काम कर रहा था। कांग्रेस प्रवक्ता ने एक समाचार चैनल की रिपोर्ट का हवाला देते हुए मंदिर की सुरक्षा में तैनात 400 निजी सुरक्षाकर्मियों और उनके भारी-भरकम खर्च को लेकर केंद्र और राज्य सरकार को घेरा है।

'चंदा चोरी नहीं, यह तो पूरा क्रिमिनल गैंग है'

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेता ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राम मंदिर में जो कुछ भी हुआ, उसे सिर्फ चंदे या चढ़ावे की हेरफेर कहना गलत होगा। उनका आरोप है कि वहां एक सोचे-समझे तरीके से पूरा गैंग चलाया जा रहा था। उन्होंने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि जो बातें सामने आई हैं, वे हैरान करने वाली हैं और इसकी पूरी जांच होनी चाहिए।

सुरक्षा एजेंसी और ₹12 करोड़ का कनेक्शन

सुप्रिया श्रीनेता ने चंपत राय पर निशाना साधते हुए कहा कि वह किसी राजा की तरह रह रहे थे। उन्होंने एक खबर का हवाला देते हुए कहा कि मंदिर परिसर में एक प्राइवेट सुरक्षा एजेंसी लगाई गई थी, जिसमें करीब 400 प्राइवेट गार्ड्स चंपत राय की सुरक्षा का काम कर रहे थे। इन गार्ड्स के लिए हर महीने 1 करोड़ रुपये यानी साल का 12 करोड़ रुपये का भारी-भरकम भुगतान किया जा रहा था। सबसे गंभीर आरोप यह है कि यह प्राइवेट सुरक्षा एजेंसी बिहार के बीजेपी के ही एक पूर्व सांसद की है।

पैसों की गिनती वाले रूट पर प्राइवेट गार्ड्स क्यों?

सुप्रिया श्रीनेता ने सबसे बड़ा सवाल सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जगह को लेकर उठाया। उन्होंने कहा कि ये 400 निजी सुरक्षाकर्मी चंपत राय की सुरक्षा के साथ-साथ उस संवेदनशील रूट पर भी तैनात थे, जहां से मंदिर के चढ़ावे और चंदे के पैसों की गिनती होती थी और जहां से कैश बैंक में भेजा जाता था।

सरकारी पुलिस के होते हुए प्राइवेट एजेंसी क्यों?

कांग्रेस नेता ने केंद्र और राज्य सरकार की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब राम मंदिर परिसर की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार के सुरक्षा बल और राज्य सरकार के जवान पहले से ही तैनात हैं, तो वहां 1 करोड़ रुपये महीने के खर्च पर 400 निजी सुरक्षाकर्मी आखिर क्या कर रहे थे। अगर चंपत राय जी को राजा ही बनना था, तो क्या श्रद्धालुओं के चढ़ावे और चंदे के पैसे से उनकी यह इच्छा पूरी की जा रही थी।

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