
Ram Mandir CEO Latest Update: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मिल गया है। भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को यह अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। ट्रस्ट की उच्च स्तरीय बैठक में उनके नाम पर अंतिम मुहर लग गई है। लगभग 4 दशक तक वायुसेना में देश की सेवा करने वाले जांबाज अफसर जीतेंद्र मिश्रा अब राम मंदिर से जुड़ी सभी प्रशासनिक और प्रबंधन-व्यवस्थाओं की कमान संभालेंगे।
एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा ने 1 जनवरी, 2025 को भारतीय वायुसेना की वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ का पद संभाला था। देश के चर्चित 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान वह इसी कमान के प्रमुख थे। इस बड़े सैन्य अभियान में उनकी रणनीतिक भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही थी। देश के लिए उनके इसी उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए भारत सरकार उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक से भी सम्मानित कर चुकी है।
वायुसेना में जीतेंद्र मिश्रा का सफर 6 दिसंबर, 1986 को एक फाइटर पायलट के रूप में शुरू हुआ था। अपने लंबे सैन्य करियर में उन्होंने फाइटर पायलट से लेकर कई बड़ी कमांड और स्टाफ पदों की जिम्मेदारियां बाखूबी निभाईं। उनके पास 3000 घंटे से अधिक उड़ान भरने का शानदार अनुभव है। अपनी लंबी और बेदाग सेवा के बाद वह 30 अप्रैल, 2026 को भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने खुलासा किया था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने भारत के S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की लोकेशन का पता लगाने की नाकाम कोशिश की थी।
राम मंदिर ट्रस्ट ने मंदिर की बढ़ती व्यवस्थाओं को देखते हुए पहली बार CEO का पद बनाया है। अयोध्या में हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधाएं, सुरक्षा से जुड़े समन्वय और अलग-अलग प्रोजेक्ट्स के प्रबंधन में CEO की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। जीतेंद्र मिश्रा अब ट्रस्ट के प्रशासनिक और प्रबंधन से जुड़े कामों को व्यवस्थित करने की जिम्मेदारी संभालेंगे।
राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO जीतेंद्र मिश्रा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के ही लाल हैं। उनका गहरा संबंध देवरिया जिले के भाटपाररानी क्षेत्र स्थित भोपतपुरा गांव से है। राम मंदिर की बढ़ती भव्यता और प्रशासनिक कार्यों को व्यवस्थित रूप से चलाने के लिए ट्रस्ट ने पहली बार CEO की नियुक्ति की है। एक लंबी चयन प्रक्रिया के बाद एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा के नाम पर सर्वसम्मति बनी। अब सेना का यह अनुभवी अधिकारी रामलला के दरबार की व्यवस्थाओं को एक नई और पारदर्शी दिशा देने का काम करेगा।