
Ram Mandir CEO: कौन हैं राममंदिर के पहले सीईओ बने पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा। फोटो-IANS
Ram Mandir CEO: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर बुधवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक हुई। बैठक में मंदिर निर्माण, परिसर की व्यवस्थाओं, प्रशासनिक ढांचे, वित्तीय प्रबंधन और धार्मिक समितियों के पुनर्गठन समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। इसी बैठक में ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के नाम पर भी मुहर लगा दी गई।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट का पहला CEO नियुक्त किया है। बुधवार को हुई ट्रस्ट की बैठक में उनके नाम की घोषणा की गई। जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी रह चुके हैं और पश्चिमी वायु कमान (Western Air Command) के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के पद पर भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। ट्रस्ट में CEO की नियुक्ति को मंदिर परिसर की बढ़ती व्यवस्थाओं और प्रशासनिक कामकाज को अधिक व्यवस्थित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
जितेंद्र मिश्रा का सैन्य करियर करीब चार दशक लंबा रहा है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, उन्होंने दिसंबर 1986 में भारतीय वायुसेना में सेवा शुरू की थी और अप्रैल 2026 में एयर मार्शल के पद से सेवानिवृत्त हुए। सेवानिवृत्ति से पहले वे भारतीय वायुसेना की पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख रहे। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी उन्होंने पश्चिमी वायु कमान का नेतृत्व किया था। एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना की पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (AOC-in-C) थे। उन्होंने इस अभियान के दौरान हवाई अभियानों का नेतृत्व किया और एयर सुपीरियरिटी सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया। ऑपरेशन सिंदूर में उनकी भूमिका के लिए उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया गया।
एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा ने भारतीय वायुसेना में करीब 40 साल की सेवा के बाद 30 अप्रैल 2026 को सेवानिवृत्ति ली। उनके सैन्य करियर का अंतिम महत्वपूर्ण कार्यभार पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का रहा। उन्होंने 1 जनवरी 2025 से 30 अप्रैल 2026 तक इस पद की जिम्मेदारी संभाली। इससे पहले वह डिप्टी चीफ, इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (ऑपरेशंस) के पद पर भी सेवाएं दे चुके हैं। जीतेंद्र मिश्रा एक एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट और फाइटर कॉम्बैट लीडर रहे हैं। उन्होंने 18 से अधिक प्रकार के विमानों पर 3,000 से ज्यादा घंटे उड़ान भरी है।
एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को उनके लंबे सैन्य करियर के दौरान कई महत्वपूर्ण सम्मान मिले हैं। इनमें सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल के अलावा अति विशिष्ट सेवा मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल भी शामिल हैं।
पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया के रहने वाले हैं। भारतीय वायुसेना में लंबे और महत्वपूर्ण कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं। अब राम मंदिर ट्रस्ट के CEO के तौर पर उनके सामने मंदिर परिसर की प्रशासनिक और प्रबंधन संबंधी व्यवस्थाओं को मजबूत करने की जिम्मेदारी होगी।
ट्रस्ट की बैठक में केवल CEO की नियुक्ति ही नहीं हुई, बल्कि तीन नए ट्रस्टियों के नामों की भी घोषणा की गई। दिल्ली के महेश भागचंदका, अयोध्या के अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय और RSS से जुड़ीं शिकोहाबाद की निर्मला यादव को ट्रस्टी बनाया गया है। इन नियुक्तियों के साथ ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में भी बदलाव देखने को मिला है।
निर्मला यादव की नियुक्ति को खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वह श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली महिला सदस्य बनी हैं। RSS से जुड़ीं निर्मला यादव शिकोहाबाद की रहने वाली हैं। उनकी नियुक्ति के साथ पहली बार राम मंदिर ट्रस्ट में किसी महिला को ट्रस्टी के तौर पर जिम्मेदारी मिली है।
राम मंदिर में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या और मंदिर परिसर से जुड़ी व्यवस्थाओं के विस्तार के बीच ट्रस्ट के स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही थी। ऐसे में पहले CEO के तौर पर पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति को महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है। CEO के तौर पर उनकी जिम्मेदारी में ट्रस्ट से जुड़े प्रशासनिक कामकाज, विभिन्न व्यवस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय और मंदिर परिसर से जुड़े प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाना अहम हो सकता है।
Updated on:
02 Sept 2026 06:04 pm
Published on:
02 Sept 2026 05:09 pm
