
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद (Photo IANS)
Ram Mandir Donation Dispute Row Ayodhya: राम मंदिर निर्माण और परिसर की व्यवस्थाओं से जुड़े श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बुधवार को अयोध्या में अहम बैठक होने जा रही है। बैठक में ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति पर फैसला होने की संभावना है। इसके अलावा ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे, निर्माण, वित्त और धार्मिक समितियों के पुनर्गठन समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
बैठक मणिराम दास छावनी में प्रस्तावित है और इसके दो सत्र होने की जानकारी सामने आई है। मंदिर निर्माण के अगले चरण और ट्रस्ट की व्यवस्थाओं में संभावित बदलाव के लिहाज से इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO के चयन की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। CEO के चयन के लिए गठित तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी। इस कमेटी में रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी, पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हवारे और रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली शामिल थे। लंबी चयन प्रक्रिया के बाद कमेटी ने तीन उम्मीदवारों के नाम ट्रस्ट बोर्ड के सामने रखे हैं। अब इन नामों में से अंतिम चयन ट्रस्ट बोर्ड को करना है।
वहीं, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने राम मंदिर के पहले CEO की नियुक्ति को लेकर सवाल उठाते हुए कहा, "बधाई हो। वह RSS का ही आदमी होगा, वहां कोई और तो होने से रहा। यह आस्था का मामला है, साधु संतों पर रहना चाहिए। मंदिर का काम पुजारी का है लेकिन यह मंदिर में सीईओ ही बैठा रहे हैं। खूब चोरी कराओ, धंधा चलाओ। आप चला रहे हैं, तो चलाओ।
CEO पद के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए थे। रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली ने चयन प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि 11 से 18 जुलाई के बीच कुल 5,585 आवेदन मिले थे। इतनी बड़ी संख्या में आए आवेदनों की शुरुआती छंटनी के लिए डिजिटल प्रक्रिया तैयार की गई। उम्मीदवारों की योग्यता और निर्धारित मानकों के आधार पर 600 अंकों का गूगल फॉर्म तैयार किया गया, जिसे आवेदकों को भेजा गया था।
प्राप्त आवेदनों में से 3,570 उम्मीदवारों ने गूगल फॉर्म का जवाब दिया। इसके बाद उनके जवाबों और योग्यताओं की विस्तृत जांच की गई। जांच के दौरान 60 फीसदी से अधिक अंक हासिल करने वाले उम्मीदवारों को चयन प्रक्रिया के अगले चरण के लिए आगे बढ़ाया गया। इसी प्रक्रिया के बाद उम्मीदवारों की छंटनी करते हुए अंतिम तीन नाम ट्रस्ट के सामने रखे गए हैं।
CEO की नियुक्ति के अलावा ट्रस्ट की बैठक में उसकी विभिन्न समितियों के कामकाज पर भी चर्चा होने की संभावना है। प्रबंधन, निर्माण, वित्त और धार्मिक समितियों के पुनर्गठन को लेकर भी मंथन किया जा सकता है। मंदिर परिसर में बढ़ती व्यवस्थाओं और आने वाले समय की प्रशासनिक जरूरतों को देखते हुए CEO के पद को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राम मंदिर निर्माण के साथ-साथ परिसर से जुड़ी व्यवस्थाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में बदलाव और जिम्मेदारियों के नए बंटवारे को लेकर यह बैठक अहम मानी जा रही है।
Updated on:
2 Sep 2026, 3:43 PM IST
Published on:
2 Sep 2026, 3:40 PM IST
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