
Ram Mandir Trust Meeting: राम मंदिर निर्माण और व्यवस्था से जुड़े श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बुधवार को अयोध्या में महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। बैठक में ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति को लेकर फैसला होने की संभावना है। इसके साथ ही ट्रस्ट के प्रबंधन, निर्माण, वित्त और धार्मिक समितियों के पुनर्गठन समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।बैठक मणिराम दास छावनी में होगी और इसके दो सत्र प्रस्तावित हैं। मंदिर निर्माण के अगले चरण और ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में बदलाव के लिहाज से इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
CEO के चयन के लिए बनाई गई तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी है। कमेटी में रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी, पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हवारे और रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली शामिल थे। कमेटी ने लंबी प्रक्रिया के बाद तीन उम्मीदवारों के नाम ट्रस्ट के सामने रखे हैं। अब अंतिम निर्णय ट्रस्ट बोर्ड को करना है।
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने सर्च कमेटी के सदस्यों के प्रयासों की सराहना की। CEO के नाम की घोषणा बैठक के बाद होगी या नहीं, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि यह ट्रस्ट बोर्ड के निर्णय पर निर्भर करेगा।
रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली ने CEO के चयन की पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। उनके मुताबिक, 11 से 18 जुलाई के बीच कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे।इतने बड़े स्तर पर मिले आवेदनों की शुरुआती छंटनी के लिए एक डिजिटल प्रक्रिया तैयार की गई। उम्मीदवारों की योग्यता और अन्य मानकों के आधार पर 600 अंकों का गूगल फॉर्म तैयार किया गया। इसे आवेदकों को भेजा गया, जिसमें से 3,570 लोगों ने जवाब दिया।
इसके बाद प्राप्त जवाबों की विस्तार से जांच की गई और 60 फीसदी से अधिक अंक हासिल करने वाले उम्मीदवारों को आगे की प्रक्रिया में शामिल किया गया।
अगले चरण में 600 में से 470 या उससे ज्यादा अंक हासिल करने वाले 108 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया। इन उम्मीदवारों से चार दिनों तक वर्चुअल बातचीत की गई।इसके बाद 17 उम्मीदवारों को अयोध्या धाम में आमने-सामने बातचीत के लिए बुलाया गया। इनमें से 16 उम्मीदवार चयन प्रक्रिया में शामिल हुए।साक्षात्कार के दौरान उम्मीदवारों को अलग-अलग मानकों पर अंक दिए गए। कमेटी ने अंत में तीन नामों को सबसे उपयुक्त मानते हुए ट्रस्ट को अपनी सिफारिश भेजी।
CEO की नियुक्ति के अलावा बैठक में ट्रस्ट की विभिन्न समितियों के कामकाज पर भी चर्चा होने की संभावना है। प्रबंधन, निर्माण, वित्त और धार्मिक समितियों में पुनर्गठन को लेकर भी मंथन किया जाएगा।CEO की नियुक्ति को राम मंदिर परिसर की बढ़ती व्यवस्थाओं और भविष्य की प्रशासनिक जरूरतों से जोड़कर देखा जा रहा है। अब सभी की नजरें ट्रस्ट की बैठक पर हैं कि बोर्ड तीन नामों में से किसे देश के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक परिसरों में से एक के प्रशासन की जिम्मेदारी सौंपता है।
Updated on:
02 Sept 2026 10:35 am
Published on:
02 Sept 2026 10:31 am
