
Ram Mandir Donation Dispute Row Ayodhya: अयोध्या राम मंदिर में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति को लेकर भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। इस अहम और उच्च प्रोफाइल वाले प्रशासनिक पद के लिए अब तक 1000 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। खास बात यह है कि इस पद की दौड़ में सबसे आगे रिटायर्ड नौकरशाह नजर आ रहे हैं।
बता दें सोमवार को इस पद की भर्ती का नोटिफिकेशन जारी होने के महज 24 घंटे के भीतर ही आधिकारिक ईमेल पर आवेदनों की बाढ़ आ गई। भारी संख्या में आए इन आवेदनों को पात्रता के आधार पर छांटने के लिए समिति ने एक सचिव की नियुक्ति करने का फैसला लिया है।
राम मंदिर के सीईओ पद के लिए आए आवेदनों में सबसे बड़ी संख्या सेवामुक्त हो चुके बड़े अधिकारियों की है। इससे साफ पता चलता है कि देश के अनुभवी और वरिष्ठ प्रशासक इस प्रतिष्ठित और धार्मिक महत्व वाले पद को संभालने के लिए गहरी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में नौकरशाहों का आवेदन आना इस पद की गरिमा और महत्व को भी दर्शाता है।
इस दौड़ में कई जाने-माने चेहरे भी शामिल हो गए हैं। पूर्व IPS अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता अमिताभ ठाकुर ने भी राम मंदिर के सीईओ पद के लिए अपनी उम्मीदवारी पेश की है। 58 वर्षीय अमिताभ ठाकुर उन प्रमुख लोगों में से एक हैं जिन्होंने सार्वजनिक तौर पर इस बात की पुष्टि की है कि उन्होंने इस अहम पद के लिए आधिकारिक रूप से आवेदन कर दिया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि इतनी बड़ी संख्या में आए आवेदनों के बीच यह अहम जिम्मेदारी किसे सौंपी जाती है।
बता दें कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार, नियुक्त होने वाला CEO सीधे ट्रस्ट के महासचिव के प्रति जवाबदेह रहेगा। मंदिर से जुड़े प्रशासनिक, वैधानिक और वित्तीय कार्यों की जिम्मेदारी उसी के पास होगी। इसके अलावा महासचिव द्वारा समय-समय पर सौंपे गए अन्य दायित्वों का निर्वहन भी CEO को करना होगा।
ट्रस्ट ने इस पद के लिए पात्रता मानदंड भी तय किए हैं। आवेदन केवल ऐसे व्यक्ति कर सकते हैं जिनकी आयु 50 से 70 वर्ष के बीच हो और जिन्होंने किसी बड़े संस्थान, संगठन, विभाग या कंपनी में कम से कम 20 साल तक प्रबंधकीय जिम्मेदारी निभाई हो। इसके साथ ही आवेदन करने वाला व्यक्ति हिंदू, वैष्णव और भगवान श्रीराम का भक्त होना चाहिए। अगर किसी उम्मीदवार को मंदिर प्रबंधन का पूर्व अनुभव है तो उसे चयन प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाएगी।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद सामने आने के बाद ट्रस्ट प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने में जुटा है। ऐसे में नए CEO की नियुक्ति को बेहद अहम माना जा रहा है। नए अधिकारी से प्रशासनिक पारदर्शिता, वित्तीय निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने की उम्मीद की जा रही है।
सीईओ पद के लिए आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 18 जुलाई है और इसके ठीक अगले दिन 19 जुलाई को चयन समिति उम्मीदवारों की छंटनी और साक्षात्कार की प्रक्रिया शुरू कर देगी। वरिष्ठ और अनुभवी उम्मीदवारों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए समिति उनके इंटरव्यू ऑनलाइन माध्यम से भी आयोजित कर सकती है। इसके बाद 22 जुलाई को अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट की एक अहम बैठक होगी जिसमें इस पूरी चयन प्रक्रिया की विस्तार से समीक्षा की जाएगी।
संभावना है कि 22 जुलाई की इसी बड़ी बैठक में आंतरिक समितियों का पुनर्गठन करने के साथ ही कुछ नए ट्रस्टियों की नियुक्ति पर भी फैसला लिया जा सकता है। इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य लक्ष्य एक महीने के भीतर पूरी पारदर्शिता और योग्यता के आधार पर तीन सर्वश्रेष्ठ नामों की अंतिम सिफारिश ट्रस्ट को सौंपना है।