अयोध्या

‘खेसारी लाल यादव हैं मानसिक रोगी’, कठमुल्ला और मूर्ख…. संत समाज ने क्या-क्या कहा?

Khesari Lal Yadav: खेसारी लाल यादव पर संत समाज भड़क गया। संतों ने उन्हें मानसिक रूप से बीमार बताया। साथ ही उनकी फिल्मों के गानों को भी अधार्मिक बताया।

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Nov 07, 2025
'खेसारी लाल यादव हैं मानसिक रोगी', भड़का संत समाज। फोटो सोर्स- फेसबुक- Khesari Lal Yadav

Khesari Lal Yadav: बिहार चुनाव में छपरा सीट से RJD उम्मीदवार खेसारी लाल यादव राम मंदिर को लेकर दिए अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। उनके बयान पर संतों ने प्रतिक्रिया दी है।

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'खेसारी लाल यादव का बयान मूर्खतापूर्ण'

हनुमानगढ़ी के देवेशाचार्य महाराज ने कहा, "खेसारी लाल यादव का बयान मूर्खतापूर्ण है। भारत सनातन धर्म का देश है और भगवान राम सनातन की आत्मा हैं। खेसारी लाल के बयान से साबित होता है कि कुछ चंद वोटों के लिए और चंद लोगों को खुश करने के लिए उन्होंने बयान दे दिया।"

'खेसारी अधार्मिक और कठमुल्ला'

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा, " इनको सबसे पहले अपने घर में पूछना चाहिए कि क्या राम मंदिर की आवश्यकता थी, इनके घरवाले भी यही बयान देंगे कि आवश्यकता थी। खेसारी अधार्मिक व्यक्ति हैं और कठमुल्ला हैं। खेसारी का धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। उनकी फिल्मों के गाने भी उनकी तरह अधार्मिक हैं, वो मूर्ख हैं।"

'सनातन धर्म का अपमान करो और लोकप्रियता पा लो'

वहीं, तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा, " खेसारी लाल के गाने और फिल्में फूहड़ हैं। खेसारी कह सकते हैं कि मस्जिद को हटाकर विद्यालय या अस्पताल बनवा दो, अगर वे इतना बोल देंगे तो लोग खोपड़ी के सारे बाल नोंच देंगे। यह सिर्फ सस्ती लोकप्रियता पाने का तरीका है। सनातन धर्म का अपमान करो और लोकप्रियता पा लो। खेसारी RJD के टिकट पर लड़ रहे हैं, उनकी पार्टी में भी कभी मर्यादा नहीं रही तो, उनमें कहां से होगी।"

'खेसारी लाल मानसिक रोग से पीड़ित'

इसके अलावा अयोध्या के संत सीताराम दास महाराज ने कहा, "खेसारी लाल मानसिक रोग से पीड़ित हैं, ज्ञान से उनका कोई लेना नहीं है। जिस पार्टी से वे चुनाव लड़ रहे हैं, वह हमेशा ही सनातन विरोधी रही है।''

क्या दिया था खेसारी लाल यादव ने बयान

बता दें कि भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव ने कहा था कि राम मंदिर में पढ़कर मैं मास्टर, प्रोफेसर या अफसर बन जाऊंगा क्या? नहीं। राम मंदिर आस्था का विषय है, वह अलग है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के लिए काम होना चाहिए। देश शिक्षा से ही चलाया जा सकता है।

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