अयोध्या

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नई एसआईटी, DIG और SSP शामिल

Shri Ram Temple offering theft case: अयोध्या श्री राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एसआईटी का पुनर्गठन किया गया है। जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ आईपीएस करेंगे।
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श्री राम, फोटो सोर्स- X श्री राम जन्मभूमि अयोध्या धाम
श्री राम, फोटो सोर्स- X श्री राम जन्मभूमि अयोध्या धाम

Shri Ram Temple offering Theft Case: अयोध्या में चढ़ावा चोरी मामले में नई SIT का गठन किया गया है। जिसमें तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को शामिल किया है। इनमें डीआईजी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अयोध्या शामिल है। जिसकी अध्यक्षता आईजी किरण एस करेंगे। पहले बनी एसआईटी में लखनऊ कमिश्नर विजय विश्वास पंत थे और विशेष सचिव वित्त नील रतन कुमार को शामिल किया गया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नई टीम का गठन किया गया है। अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में SIT का गठन किया जाये।

13 जुलाई को हुई थी सुनवाई

उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में भक्तों के चढ़ावे की चोरी का बड़ा मामला सामने आया था। जिसके जांच के लिए प्रदेश की योगी सरकार ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट में श्री राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एसआईटी का पुनर्गठन किया गया है। सुप्रीम कोर्ट की CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस मामले की सुनवाई की और 13 जुलाई को कहा था कि मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ आईपीएस (senior IPS) अधिकारी के नेतृत्व में नई SIT गठित की जाए।

नई एसआईटी में 3 वरिष्ठ आईपीएस शामिल

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद योगी सरकार ने एसआईटी का पुनर्गठन किया है। जिसकी अध्यक्षता आईजी किरण एस करेंगी। इसके साथ ही डीआईजी अयोध्या सोमेन वर्मा और एसएसपी अयोध्या डॉ. गौरव ग्रोवर को सदस्य बनाया गया है।

पहली SIT में कौन थे?

इससे पहले प्रदेश सरकार की एसआईटी में लखनऊ कमिश्नर विजय विश्वास पंत, विशेष सचिव वित्त नील रतन कुमार समेत अन्य अधिकारी शामिल थे। जिसने मंदिर की सीसीटीवी फुटेज, दान रजिस्टर, कैश हैंडलिंग और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की थी। मंदिर कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई थी।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ाए गए धन को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जमा न करने और उसके गबन से जुड़ा है। पहली एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में चढ़ावे की गिनती और जमा करने में अनियमितता की बात कही थी। जांच के दौरान पुलिस ने कई स्थानों पर छापेमारी कर नकदी, वाहन, निवेश से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए हैं।
पुनर्गठित एसआईटी पूरे मामले की फिर से जांच करेगी।

Updated on:
26 Jul 2026 08:45 am
Published on:
26 Jul 2026 08:45 am