
Ayodhya Ram Mandir Latest Updates: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव पद से चंपत राय के इस्तीफे के बाद से ही कयासों का बाजार गर्म था। लेकिन अब ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज ने खुद सामने आकर इन तमाम चर्चाओं और अफवाहों पर पूर्णविराम लगा दिया है। उनके इस बयान ने साफ कर दिया है कि अयोध्या में बदलाव की यह बयार किसी आंतरिक कलह का नतीजा नहीं, बल्कि राम मंदिर की व्यवस्थाओं को वैश्विक स्तर पर और अधिक सुदृढ़ बनाने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।
स्वामी जी ने बताया, "कल मेरी चंपत राय जी से लंबी बातचीत हुई। मेरा मुख्य उद्देश्य उनके स्वास्थ्य का हालचाल जानना था। वह पूरी तरह स्वस्थ और संतुष्ट हैं। उनके मन में अपने इस्तीफे को लेकर रत्ती भर भी नाराजगी या असंतोष नहीं है।
चंपत राय से मुलाकात के अलावा स्वामी गोविंद देव गिरि ने अयोध्या के कई स्थानीय साधु-संतों से भी मुलाकात की। उन्होंने बताया कि राम मंदिर ट्रस्ट ने हाल ही में जो भी कड़े फैसले लिए हैं अयोध्या के संत समाज ने उन पर अपनी सहमति जताई है। सभी संत, ट्रस्ट की कार्रवाई और फैसलों से पूरी तरह प्रसन्न और संतुष्ट हैं।
कोषाध्यक्ष ने यह भी बताया कि साधु संतों की यह अपेक्षा है कि राम मंदिर में पूजा-पाठ की प्रक्रियाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में कुछ और सुधार किए जाएं। इस पर ट्रस्ट ने उन्हें आश्वासन दिया है। स्वामी गोविंद देव गिरि ने कहा कि हम इन व्यवस्थाओं को और अधिक बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं और इस दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
चढ़ावा चोरी मामले पर लगाम कसने के सवाल पर स्वामी गोविंद देव गिरि ने कहा कि उन्होंने खुद उस क्षेत्र का निरीक्षण किया है जहां, भगवान को अर्पित किए गए दान और चढ़ावे की गिनती होती है। वहां अब कई नए बदलाव किए गए हैं और व्यवस्था को पहले से कहीं ज्यादा सख्त कर दिया गया है। उन्होंने भरोसा जताते हुए कहा कि अब वहां जिस स्तर की सावधानी बरती जा रही है उसे देखते हुए यह तय है कि भविष्य में ऐसी कोई घटना दोबारा कभी नहीं होगी।