भीड़ जुटाने पर रहेगा पूरा जोर
आजमगढ़. पीएम मोदी की आजमगढ़ की रैली भले ही विवादों से घिरी रही हो लेकिन इसकी ऐतिहासिक सफलता ने पूर्वांचल में सियासी हलचल तेज हो गयी है। रैली में अप्रत्याशित रूप से पहुंची भीड़ ने सपा और बसपा बेचैनी को काफी बढ़ा दिया है। वहीं वर्ष 2014 की अपेक्षा वर्ष 2018 में मोदी मैजिक में हुए इजाफा को देख भाजपा को जवाब देने के लिए अगले महीने अखिलेश यादव भी आजमगढ़ आ रहे हैं। सूत्रों की मानें तो 22 या 24 अगस्त को अखिलेश यादव यहां रैली कर सकते हैं जिसमें वे पीएम द्वारा उठाये गए सवालों का जवाब देंगे। साथ ही सपाईयों का अखिलेश की रैली में भारी संख्या में भीड़ जुटाने को लेकर जोर रहेगा। वही माना जा रहा कि यदि अखिलेश यादव रैली करते है तो पूर्वांचल में सियासी घमासान और बढ़ सकता है।
गौरतलब है कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी मैजिक के चलते बीजेपी गठबंधन ने यूपी में अस्सी सीटों में 73 सीटे जीतने में सफल हुई थी। जबकि पांच सीट सपा और दो सीट कांग्रेस के खाते में गयी थी। बसपा का यूपी में खाता भी नहीं खुला था। वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में भी मोदी मैजिक कार्यम रहा। भाजपा गठबंधन ने 403 सीटों में 325 सीट पर जीत दर्ज की। यह बीजेपी की अब तक की सबसे बड़ी जीत है।
जिसके बाद बीजेपी को 2019 के लोगसभा चुनाव में मात देने के लिए विपक्ष गठबंधन पर लम्बे समय से रणनीति बना रहा है। हाल ही में प्रदेश में हुए उपचुनाव में भी सपा, बसपा, पीस पार्टी, निषाद पार्टी और रालोद ने साथ मिलक चुनाव लड़ा था जिसका इन्हे फायदा भी मिला। उपचुनाव के दौरान इनके गठबंधन का नतीजा यह रहा कि कैराना, फूलपुर और गोरखपुर में हुए लोकसभा उपचुनाव व एक विधानसभा सीट पर उप चुनाव में बीजेपी को मात दी। जो चर्चा का विषय भी रहा और इस जीत के बाद इनके गठबंधन को सफल भी बताया गया।
जिसके बाद एक बार फिर इनके गठबंधन का तोड़ खोजने में जुटी बीजेपी को वर्ष 2019 में फिर मोदी मैजिक का भरोसा है। बीजेपी ने इस चुनाव में 54 प्रतिशत मत हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इस समय पार्टी का पूरा फोकस पूर्वी यूपी खासतौर पर पूर्वांचल में जनाधार बढ़ाने पर जहां पिछले चुनाव में उसे 32 में 31 लोकसभा सीटें मिली थी। यही वजह है कि योजनाओं के शिलान्यास और लोकापर्ण के बहाने लगातार पीएम मोदी को यहां बुलाने का प्रयास हो रहा है।
14 जुलाई को पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का शिलान्यास करने आजमगढ़ पहुंचे तो करीब छह जिलों के ढ़ाई लाख से अधिक लोग पीएम मोदी को सुनने के लिए रैली में पहुंचे। पीएम ने लोकसभा चुनाव को ध्यान पर रखकर विपक्ष पर खुलकर वार किया। इस दौरान उन्होंने तीन तलाक और हलाला का मुद्दा भी खुलकर उठाया। जो विपक्ष की कमजोर कड़ी है। विपक्ष मुस्लिम वोट के चक्कर में इस मुद्दे से लगातार दूरी बनाये हुए है लेकिन विपक्ष को इस बात का खतरा सता रहा है कि मुस्लिम महिलाएं इस मुद्दे पर बीजेपी के साथ खड़ी हो सकती है। जिसके बाद मोदी मैजिक को रोकने के लिए सपा ने मोदी के मुकाबले अखिलेश यादव की सभा आजमगढ़ में कराने की बात चल रही है।