
Azamgarh Encounter: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में पुलिस ने अलग-अलग हुई मुठभेड़ के दौरान चोर गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान 25-25 हजार रुपए के दो इनामी चोर भी पुलिस के हत्थे चढ़े हैं और मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से घायल हुए हैं। पुलिस ने अब तक इस गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पूर्व में भी दो सदस्य गिरफ्तार हुए थे। पुलिस ने बताया है कि पकड़े गए चोर लग्जरी कार से रेकी किया करते थे और रात में छत और पीछे के रास्ते घरों में घुसकर मशीन से ताला काट कर चोरी की घटना को अंजाम दिया करते थे। पकड़े गए आरोपी आजमगढ़ समेत पांच जनपदों में चोरी की घटना में शामिल थे।
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार तड़के तहबरपुर पुलिस इलाके में चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि थाना क्षेत्र में चोरी की घटनाओं में वांछित अभियुक्त करियावर गांव के पास सर्विस लेन पर मौजूद हैं और चोरी की घटना को अंजाम देने के लिए रेकी कर रहे हैं। सूचना के बाद थाना अध्यक्ष आदित्य कुमार सिंह ने पुलिस बल के साथ इलाके की घेराबंदी की। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान दो अभियुक्तों ने पुलिस को देखते ही फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों के पैर में गोली लग गई और वे घायल होकर गिर पड़े। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं, अहरौरा थाना पुलिस ने भी थाना क्षेत्र में हुई अलग-अलग चोरियों के मामले में दो आरोपियों को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने बताया है कि पकड़े गए आरोपियों की पहचान बरेली के रहने वाले दिलकश, साहिल, वाजिद और फैजान के रूप में हुई है। पकड़े गए आरोपियों के पास से तीन अवैध तमंचे, जिंदा एवं खोखा कारतूस, सोने व चांदी के जेवरात और नगदी भी बरामद हुई है। इसके साथ ही एसयूवी-500 वाहन भी आरोपियों के पास से बरामद की गई है। पुलिस ने बताया है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि गिरोह के सदस्य हाईवे और एक्सप्रेस वे के आसपास एसयूवी वाहन से पहुंचते थे और गाड़ी को हाईवे पर खड़ा कर नजदीकी गांव में आर्थिक रूप से संपन्न एवं आसानी से चोरी किए जाने वाले मकान की रेकी किया करते थे।
आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में बताया है की रात्रि में छत और पीछे के रास्ते से घर में प्रवेश कर ताला काटने वाली मशीन से दरवाजे बक्से और अलमारी के ताले काटकर सोने, चांदी के आभूषण और नकदी की चोरी कर लिया करते थे। चोरी के बाद सभी सदस्य निर्धारित स्थान पर पहुंचते थे और वहां से वाहन चालक उन्हें लेकर मौके से फरार हो जाता था। चोरी किए गए माल को बेचकर मिलने वाली धनराशि को वह आपस में बांट लिया करते थे और उसका उपयोग अपने खर्च और अन्य सुख सुविधाओं में किया करते थे। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ आजमगढ़ के अलावा गाजीपुर, बलिया, जौनपुर और अंबेडकर नगर में भी चोरी की घटनाओं के मामले में मुकदमे दर्ज हैं। इस मामले में अहरौरा क्षेत्र में दो, तहबरपुर में दो, बिलरियागंज में एक और अंबेडकर नगर के थाना जैतपुर में एक चोरी की घटना का अनावरण हुआ है।