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Kanpur Murder Case Update: 22 दिन बाद मिली रिहाई! जानिए कानपुर दवा व्यापारी हत्याकांड में शालू को कैसे मिली राहत

Kanpur Medicine Trader Murder Case: कानपुर के चर्चित दवा व्यापारी हत्याकांड मामले में आरोपित बहू शालू कसौधन को 22 दिन बाद जेल से रिहाई मिल गई है। कोर्ट से जमानत मंजूर होने के बाद शालू जिला जेल से बाहर आ गई हैं।
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Kanpur Murder Case

कानपुर दवा व्यापारी की बहू शालू मनोचा (photo- x @/ibne_zaidi)

Kanpur Medicine Trader Murder Case Shalu Released On Bail: चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में एक बड़ा मोड़ आ गया है। मृतक की बहू शालू मिनोचा को 22 दिन बाद जेल से रिहाई मिल गई। कोर्ट ने पुलिस की प्रार्थना पर उसके खिलाफ कोई ठोस सबूत न मिलने के आधार पर रिहाई के आदेश दिए। शालू मीडिया से बात किए बिना कार में बैठकर चली गईं। उनके अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने इस फैसले पर खुशी जताई।

हत्याकांड की शुरुआत और गिरफ्तारी

5 सितंबर 2026 की रात कानपुर के कल्याणपुर स्थित इंदिरा नगर के रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की निर्मम हत्या कर दी गई थी। उनके फ्लैट में चाकू से कई वार किए गए थे। अगले दिन 6 सितंबर को पुलिस ने सुपारी किलर विशाल और उसके साथी के बयानों के आधार पर बहू शालू को गिरफ्तार कर लिया। आरोप था कि उन्होंने हत्या की साजिश रची थी। शालू न्यायिक हिरासत में जेल भेज दी गईं।

जांच में नया खुलासा, असली मास्टरमाइंड निकला बेटा

पुलिस जांच आगे बढ़ी तो बड़ा ट्विस्ट सामने आया। रिमांड के दौरान पूछताछ में खुलासा हुआ कि असली मास्टरमाइंड मृतक का बेटा सुब्रत मिनोचा है। पुलिस ने सुब्रत को गिरफ्तार कर लिया। जांच में शालू के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला। विवेचक ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल कर उन्हें न्यायिक हिरासत से रिहा करने की मांग की। पुलिस ने क्लोजर रिपोर्ट भी दाखिल की, जिसमें शालू को निर्दोष बताया गया।

कोर्ट का आदेश और रिहाई की शर्तें

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने विवेचक का प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिया कि अगर शालू किसी अन्य मुकदमे में वांछित नहीं हैं तो उन्हें तत्काल रिहा किया जाए। अदालत ने 50 हजार रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र दाखिल करने और इस बात की अंडरटेकिंग देने को कहा कि जब भी कोर्ट या विवेचक बुलाएंगे, वे उपस्थित होंगी। कोर्ट ने विवेचक के रिहाई प्रार्थनापत्र को वाद के रूप में दर्ज करने का भी आदेश दिया।

परिवार की राहत और आगे की योजना

रिहाई के बाद शालू और उनके भाई ने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की। परिवार के अनुसार शालू अब ससुराल के फ्लैट में नहीं बल्कि अपने मायके लखनऊ जाएंगी। उनके छोटे बेटे को भी भाई के पास रखा गया है। परिवार ने कहा कि शुरू से ही उन्हें विश्वास था कि शालू निर्दोष हैं। जिस पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया, उसी ने जांच के बाद निर्दोष पाया।