
बहू से ज्यादा आरोपी के संपर्क में था बेटा (photo- x@PayallSingh13)
Kanpur Vinit Minocha Murder: कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच अब एक नए बिंदु पर पहुंच गई है। पुलिस की नजर सिर्फ आरोपी बहू शालू और हत्या के आरोपित विशाल गौतम पर नहीं है, बल्कि अब विनीत के बेटे सुब्रत की विशाल से हुई बातचीत भी जांच के केंद्र में है। पुलिस ने सुब्रत, शालू और विशाल के मोबाइल नंबरों की करीब 1000 पन्नों की कॉल डिटेल निकलवाई है। इसका विश्लेषण किया जा रहा है।
जांच में सामने आया है कि शालू की तुलना में सुब्रत ने विशाल से ज्यादा बार फोन पर बातचीत की थी। इसी वजह से पुलिस अब सुब्रत से भी विस्तार से पूछताछ कर रही है। हालांकि, फिलहाल पुलिस ने सुब्रत की भूमिका को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला है।
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल के मुताबिक, कुल सात मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल निकाली गई है। इनमें शालू के दो, विशाल के दो और सुब्रत के तीन नंबर शामिल हैं। करीब एक हजार पन्नों में आए इस डाटा को पुलिस बारीकी से खंगाल रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या से पहले और वारदात के बाद इन लोगों ने किस-किससे बात की, कितनी देर बातचीत हुई और किन नंबरों के बीच लगातार संपर्क बना रहा।
जांच में एक और कड़ी पुलिस के सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, विशाल गौतम ने हत्या से दो दिन पहले 3 सितंबर को नया सिम कार्ड लिया था। इसके साथ ही उसने अपना पुराना नंबर बंद कर दिया था। खास बात यह है कि नए नंबर से विशाल ने उसी दिन शालू के साथ-साथ सुब्रत को भी फोन किया था। यही बात अब पुलिस के लिए जांच का अहम हिस्सा बन गई है। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि अगर विशाल और शालू के बीच साजिश को लेकर बातचीत थी, तो नए नंबर से सुब्रत को फोन करने की जरूरत क्यों पड़ी। हालांकि, यह केवल पुलिस की जांच का सवाल है, इससे सुब्रत की संलिप्तता साबित नहीं होती।
पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद विशाल और राजकिशोर रतन ऑर्बिट की दीवार फांदकर बाहर निकले थे। इसके बाद विशाल ने नए नंबर से उबर टैक्सी बुक की। इसी दौरान उसने अपने एक दोस्त को करीब पांच बार फोन किया था। पुलिस ने उस दोस्त का पता लगा लिया है। अब उससे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि विशाल ने हत्या के बारे में उसे कुछ बताया था या किसी तरह की मदद मांगी थी।
पुलिस ने सुब्रत से भी पूछताछ शुरू कर दी है। कल्याणपुर थाने में उससे करीब दो घंटे तक सवाल-जवाब किए गए। इस दौरान लगभग 30 सवाल पूछे गए, जिसके बाद उसे जाने दिया गया। पुलिस आयुक्त के मुताबिक, जेल में आरोपियों के बयान लेने के बाद कोर्ट से दोनों का पुलिस कस्टडी रिमांड मांगा जाएगा। इसके बाद शालू और सुब्रत को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी। जरूरत पड़ने पर विशाल और सुब्रत का भी आमना-सामना कराया जाएगा।
जांच के दौरान विनीत मिनोचा की साल 2022 में तैयार की गई एक वसीयत भी पुलिस के हाथ लगी है। पुलिस इसकी भी पड़ताल कर रही है। बताया गया है कि वसीयत में विनीत ने अपनी पत्नी, बेटे और बेटी को संपत्ति में हिस्सेदार बनाया था। अब पुलिस कॉल डिटेल, नए सिम से हुई बातचीत, वारदात के बाद के संपर्क और वसीयत इन सभी कड़ियों को जोड़कर पूरे मामले की तस्वीर साफ करने में जुटी है। फिलहाल जांच का फोकस इस बात पर है कि विशाल का सुब्रत से इतना संपर्क क्यों था और हत्या से पहले लिए गए नए नंबर से उसने दोनों को फोन क्यों किया था।
Updated on:
15 Sept 2026 03:04 pm
Published on:
15 Sept 2026 03:04 pm
