
Azamgarh News: आजमगढ़ के शंभूपुर गहजी गांव में अरविंद नामक शख्स ने घर में चल रहे महामृत्युंजय मंत्र के जाप के दौरान दो पुजारी (महेंद्र पाठक व अखिलेश मिश्रा) और अपनी पत्नी (बबिता) की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी ने अपने तीन बच्चों के साथ खुद को कमरे में बंद कर लिया। पुलिस के बार-बार समझाने के बाद भी वह बाहर नहीं निकला। इसी दौरान उसने अपने 7 वर्षीय बेटे को भी गोली मार दी, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं, पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में आरोपी भी एनकाउंटर में ढेर हो गया। घटना सामने आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है।
शंभूपुर गहजी गांव में हुई इस वारदात के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। इस दौरान आरोपी ने अपने तीन बच्चों के साथ खुद को एक कमरे में बंद कर लिया और बच्चों को गोली मारने की धमकी देने लगा। घटना की सूचना मिलने के बाद एसएसपी डॉ. अनिल कुमार मौके पर पहुंचे। वहीं, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए 10 थानों के लगभग 300 पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद पीएसी को भी मौके पर बुलाया गया। देर रात वाराणसी से एडीजी जोन नवीन अरोड़ा भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद एटीएस के 24 और एसओजी के 20 जवान भी घटनास्थल पर पहुंच गए।
एडीजी नवीन अरोड़ा ने बताया कि पुलिस बार-बार आरोपी अरविंद सिंह को बच्चों के साथ बाहर निकाल कर सरेंडर करने को कहती रही, लेकिन आरोपी अरविंद ने धमकी दी की यदि पुलिसकर्मी एक कदम भी आगे बढ़ाएंगे तो वह अपने तीनों बच्चों को गोली मार देगा। उन्होंने बताया कि आरोपी द्वारा धमकी दिए जाने के बाद जिले के अधिकारियों के साथ रणनीति तय की जाने लगी। इस दौरान एटीएस के जवानों से भी सहयोग मांगा गया।
एडीजी ने बताया कि पुलिस अभी बातचीत ही कर रही थी इस दौरान आरोपी अरविंद ने अपने 7 वर्षीय बेटे को भी गोली मार दी, जिसके बाद अब पुलिस के पास कार्रवाई करने के अलावा कोई ऑप्शन नहीं बचा था। उन्होंने बताया कि एटीएस और एसओजी के जवान स्टेन ग्रेनेड और टियर गैस का सहारा लेकर अंदर घुसने का प्रयास करने लगे। एटीएस के जवानों ने खिड़की से अंदर स्टेन ग्रेनेड फेंक दिया इसके बाद टियर गैस भी फेंका गया। आरोपी और बच्चे जब चिल्लाने लगे, इसी दौरान एटीएस ने दरवाजा तोड़ दिया और अंदर दाखिल हो गई।
एडीजी ने बताया कि जब एटीएस और एसओजी अंदर पहुंची तो अरविंद घबरा उठा और उसने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से जवानों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। उन्होंने बताया कि करीब 7 से 8 राउंड फायरिंग किए जाने के बाद एटीएस संभालते हुए जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार हुई और इसी दौरान एसओजी और एटीएस की संयुक्त कार्रवाई में अरविंद को गोली लग गई और वह जमीन पर गिर गया। उन्होंने बताया कि पुलिस के जवानों ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दौरान उसके बेटे शौर्य की भी मौत हो गई।