महराजगंज थाना क्षेत्र में लंबे समय से चले आ रहे भूमि विवाद ने मंगलवार को खूनी रूप ले लिया। मृतक के सगे भाई समेत तीन लोगों ने मिलकर हत्या कर शव को नदी किनारे फेंक दिया। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।
Azamgarh Crime: आजमगढ़ जनपद के महराजगंज थाना क्षेत्र में लंबे समय से चले आ रहे भूमि विवाद ने मंगलवार को खूनी रूप ले लिया। मृतक के सगे भाई समेत तीन लोगों ने मिलकर हत्या कर शव को नदी किनारे फेंक दिया। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के अनुसार, 26 अक्टूबर को रामभवन पाण्डेय ने थाने में तहरीर दी थी कि उनके भाई त्रिभुवन पाण्डेय की हत्या श्रीराम यादव ने की है और शव को नदी किनारे फेंक दिया गया है। इस पर मुकदमा संख्या 295/25 धारा 103(1) बीएनएस दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान रामभवन पाण्डेय, आदित्य पाण्डेय, दीनदयाल पाण्डेय और अमरनाथ यादव के नाम सामने आए, जिसके बाद धारा 238 बीएनएस बढ़ाई गई।
बताया जा रहा है कि मृतक त्रिभुवन पाण्डेय और आरोपितों के बीच भूमि विवाद पिछले कई वर्षों से चला आ रहा था। इसी रंजिश के चलते हत्या की घटना को अंजाम दिया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक केदारनाथ मौर्य के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 4 नवंबर को कुड़ही ढाला के पास से तीन अभियुक्त — रामभवन पाण्डेय (58), आदित्य पाण्डेय (23) और दीनदयाल पाण्डेय (42) — को गिरफ्तार किया। पूछताछ में अभियुक्तों ने अपराध स्वीकार कर लिया।
पुलिस ने उनके कब्जे से हत्या के बाद शव छिपाने में प्रयुक्त चारपाई और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। गिरफ्तारी टीम में व0उ0नि0 अजय कुमार यादव, उ0नि0 अवधेश यादव सहित नौ पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।