आजमगढ़ जिले में रिश्वतखोर दारोगा गिरफ्तार (Inspector arrested) हो गया है। आरोप है कि दारोगा ने एक व्यक्ति से उसका मकान निर्माण शुरू कराने के नाम पर रिश्वत मांगी थी।
आजमगढ़ जिले के निजामाबाद थाना क्षेत्र में रिश्वत मांगने के आरोप में फरिहा चौकी पर तैनात उपनिरीक्षक को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी दारोगा (UP Police SI) पर मकान निर्माण कार्य शुरू कराने के नाम पर 15 हजार रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की है।
जानकारी के अनुसार, क्यामुद्दीन पट्टी उर्फ परसहां गांव निवासी एक व्यक्ति ने 7 मई 2026 को क्षेत्राधिकारी सदर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि फरिहा चौकी पर तैनात उपनिरीक्षक परमात्मा यादव उनके मकान निर्माण कार्य को शुरू कराने के बदले 15 हजार रुपए की मांग कर रहे हैं। शिकायतकर्ता का आरोप था कि बिना पैसे दिए निर्माण कार्य में अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न की जा रही थीं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों ने तत्काल जांच शुरू कराई। शिकायत के आधार पर थाना निजामाबाद में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के दौरान शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद क्षेत्राधिकारी आजमगढ़ सदर के निर्देशन में पुलिस टीम गठित कर आरोपी उपनिरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की गई।
शनिवार को पुलिस टीम ने आरोपी दरोगा परमात्मा यादव को थाना परिसर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की गई और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर आरोपी को जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विभाग में भ्रष्टाचार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आम जनता से अवैध वसूली या रिश्वत मांगने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में भी चर्चा का माहौल बना हुआ है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में फरिहा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।