आजमगढ़ जिले में नए साल की पूर्व संध्या पर एक विवादित घटना सामने आई, जिसने स्थानीय स्तर पर सामाजिक और सांप्रदायिक चर्चाओं को तेज़ कर दिया। जीयनपुर थाना क्षेत्र के गेढ़ापुर गांव में 30 दिसंबर की देर रात दो युवकों को ग्रामीणों द्वारा पकड़े जाने और मारपीट किए जाने का मामला प्रकाश में आया। घटना के दौरान अफवाहों के आधार पर इसे ‘लव जेहाद’ से जोड़ने की कोशिश की गई,
Azamgarh Crime: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में नए साल की पूर्व संध्या पर एक विवादित घटना सामने आई, जिसने स्थानीय स्तर पर सामाजिक और सांप्रदायिक चर्चाओं को तेज़ कर दिया। जीयनपुर थाना क्षेत्र के गेढ़ापुर गांव में 30 दिसंबर की देर रात दो युवकों को ग्रामीणों द्वारा पकड़े जाने और मारपीट किए जाने का मामला प्रकाश में आया। घटना के दौरान अफवाहों के आधार पर इसे ‘लव जेहाद’ से जोड़ने की कोशिश की गई, हालांकि पुलिस की शुरुआती जांच और बाद में सामने आए तथ्यों ने कहानी को अलग मोड़ दे दिया।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, लाटघाट बाजार निवासी दो युवक रात लगभग 11 बजे गेढ़ापुर गांव पहुंचे थे, जो लाटघाट बाजार से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आरोप लगाया गया कि दोनों एक युवती से मिलने आए थे। ग्रामीणों ने युवकों को एक मकान की छत पर चढ़ते देख लिया और उन्हें मौके पर ही रोककर पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान एक युवक ने अपना नाम मो. शाहिद और दूसरे ने अशरफ मिश्रा बताया, जिसके बाद गांव में तरह-तरह की अटकलें फैलने लगीं और मामला सांप्रदायिक रंग लेने लगा।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को सुरक्षा की दृष्टि से थाने ले गई। प्रकरण में नया मोड़ 1 जनवरी की सुबह तब आया, जब युवती के चाचा ने लाटघाट पुलिस चौकी पर एक लिखित सुलह पत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पकड़े गए युवक उनके भतीजे (जिसे ग्रामीण युवती का प्रेमी समझ रहे थे) के परिचित और मित्र हैं, और वे उसी से मिलने आए थे। चाचा के बयान के अनुसार, ग्रामीणों ने गलतफहमी के चलते युवकों के साथ मारपीट की।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि लिखित सुलह पत्र और पारिवारिक बयान के बाद दोनों पक्षों को आपसी सहमति से समझौते का अवसर दिया गया। हालांकि, इस सुलह को लेकर इलाके में अलग-अलग तरह की चर्चाएं अब भी जारी हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में कानून व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए शांति बनाए रखी गई और फिलहाल किसी पक्ष द्वारा औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।