Azamgarh crime news: आजमगढ़ में पशुओं का वध करने वाले आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है। इस दौरान उसका एक साथी मौके से भाग निकला...
आजमगढ़: कप्तानगंज थाना क्षेत्र में पुलिस की बंदूक शुक्रवार की देर रात एक बार फिर से गरजी है। बताया जा रहा है कि मुठभेड़ के दौरान गोवंश की हत्या कर उसके मांस को बेचने वाले एक आरोपी के पैर में गोली लगी है। वहीं, पुलिस संग मुठभेड़ के दौरान अंधेरे का फायदा उठाकर उसका एक साथी मौके से भागने में कामयाब रहा, जिसकी तलाश के लिए पुलिस ने टीम गठित कर दी है।
पुलिस ने बताया है कि 12 मई को आजमगढ़ के कुशमहरा के सीएचसी के पीछे से संरक्षित पशु का अवशेष मिला था। इसके बाद कप्तानगंज में गोवध निवारण अधिनियम के तहत अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस इस मामले में आरोपियों की तलाश कर रही थी। वहीं शुक्रवार की देर रात कप्तानगंज पुलिस इलाके में संदिग्ध वाहनों और लोगों की तलाशी ले रही थी। इसके बाद मुखबिर ने सूचना दी की 12 मई को हुई गोकशी की घटना में शामिल दो बदमाश बाइक से दरौली मोड की तरफ आ रहे हैं और एक बार फिर से वे किसी घटना को अंजाम दे सकते हैं।
मुखबिर से सूचना मिलने के बाद थाना अध्यक्ष जयप्रकाश ने थाने के अन्य पुलिस कर्मियों के साथ बताए गए स्थान पर घेराबंदी की। इसके बाद दो युवक बाइक से आते दिखे। पुलिस ने आरोपियों को बाइक रोकने को कहा। इसके बाद आरोपियों ने पुलिस की टीम पर फायरिंग कर दिया। इस दौरान पुलिसकर्मी बार-बार आत्मसमर्पण करने की बात कहते रहे, लेकिन बदमाश नहीं माने। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक गोली बदमाश के दाहिने पैर में लगी, जिससे बाइक से अनियंत्रित होकर वह नीचे गिर पड़ा। इसी दौरान उसका दूसरा साथी मौके से अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला।
पुलिस ने बताया है कि मुठभेड़ के दौरान घायल हुए बदमाश आरिफ उर्फ फुसी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी थाना अहरौला के शाहपुर सराय का रहने वाला है। पकड़े गए बदमाश ने बताया कि दूसरा आरोपी अहरौला के मेहियापार का रहने वाला आजाद है जो भाग निकला है। फिलहाल पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान घायल हुए बदमाश को इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया है। वहीं पुलिस को घटनास्थल से एक अवैध देसी तमंचा, दो खोखा और एक बाइक बरामद हुई है।
पुलिस ने बताया है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया है कि 12 मई की रात उसने ही गोवंश की हत्या कर उसके अवशेष फेक दिए थे। वह पुलिस द्वारा पकड़े जाने के दर से छिपकर कर रहा था। पकड़े गए आरोपी ने बताया है कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर सुनसान रास्ते पर इस तरह का कार्य करता है और पशुओं का वध करके उनका मांस बेचकर जीविकोपार्जन करता है। उसने बताया है कि बचे हुए अवशेषों को वह सुनसान स्थान पर फेंक देता है, ताकि किसी को इसकी भनक न लग सके।