
UP Crime News:उत्तर प्रदेशपुलिस को एक 10वीं फेल ठग नटवरलाल ने अपनी बातों के जाल में फंसाकर लाखों रुपये का चूना लगा दिया। यह शातिर अपराधी खुद को लखनऊ पुलिस मुख्यालय का SP क्राइम बताता था। इसके साथ ही पुलिसवालों पर रौब झाड़कर उनसे पैसे ट्रांसफर करवा लेता था। बागपत पुलिस की साइबर सेल ने इस सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
बागपत के ललियाना चौकी इंचार्ज अमित कुमार के पास 5 अप्रैल को पुलिस कंट्रोल रूम से एक कॉल आई। उन्हें बताया गया कि, SP क्राइम मुख्यालय लखनऊ उनसे बात करना चाहते हैं। इसके बाद उनके पास एक WhatsApp कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को SP क्राइम बताया और कहा कि DGP के एक करीबी स्वर्णकार मित्र से 3 किलो सोना लूटा गया है। एक आरोपी को शामली में पकड़ लिया गया है जबकि दूसरा उनके क्षेत्र में एक मंदिर के पास खड़ा है। ठग ने कहा कि उस अपराधी से सोना खरीदने का नाटक करना है और इसके लिए एडवांस के तौर पर तुरंत पैसे ट्रांसफर करने का आदेश दिया।
जब चौकी इंचार्ज ने पैसे देने से आनाकानी की तो उन्हें DGP का नाम लेकर सस्पेंड करने की धमकी दी गई। कुछ देर बाद उसी नंबर से एक और कॉल आई जिसमें दूसरे व्यक्ति ने खुद को इंस्पेक्टर क्राइम बताकर SP के आदेश का पालन करने का दबाव बनाया। डर के मारे चौकी इंचार्ज ने अपने एक जानकार के जरिए बताए गए बार कोड पर 25 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में ठगी का अहसास होने पर उन्होंने अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया।
बागपत के एसपी सूरज कुमार राय ने बताया कि, पुलिस जांच में पता चला कि इस पूरी ठगी का मास्टरमाइंड लाल मोहन राय है। वह मूल रूप से बिहार के मोतिहारी का रहने वाला है और फिलहाल फरीदाबाद के सेक्टर 81 में अपने परिवार के साथ रह रहा था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में उसने अपने साथी अजय चौबे और एक अन्य का नाम कबूला है जिनकी तलाश की जा रही है।
पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस गैंग ने यूपी और बिहार के 20 से ज्यादा पुलिसवालों को अपना शिकार बनाया है। इससे पहले इन्होने बिहार के जमुई में तैनात महिला थाना प्रभारी रूबी कुमारी से 50 हजार रुपये और सिद्धार्थनगर की मोहाना चौकी इंचार्ज सुदीप कुमार यादव से 30 हजार रुपये की ठगी की थी। इसके अलावा इन्होने मेरठ के रोहटा थाना इंचार्ज को भी इसी तरह ठगने की कोशिश की थी। यह गैंग पुलिस कंट्रोल रूम में फोन करके पुलिस अधिकारियों के नंबर निकालता था और फिर वारदात को अंजाम देता था।