Highlights . कोरोना वायरस से फैली महामारी से बचाव के लिए देश किया गया है लॉकडाउन. एंबुलेंस गाड़ियों पर तैनात ड्राइवरों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप . विरोध में हड़ताल कर धरने पर बैठे
बागपत। कोरोना वायरस से फैली महामारी से बचाव के लिए देश में लॉकडाउन 14 अप्रैल तक किया गया है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर व अन्य स्टॉफ अपने परिवार से दूर रहकर कोरोना से लोगों को बचाने में जुटे हुए है। 108 एंबुलेंस गाड़ियों पर तैनात कर्मचारियोंं ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है। विरोध में एंबुलेंस पर तैनात ड्राइवर हड़ताल कर धरना प्रदर्शन पर बैठ गए है। मामला सीनियर अफसरों तक पहुंचने के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया है।
वहीं, इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन नहीं कर रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि बागपत सीओ सिटी ओमपाल सिंह ने उनके साथ बेवजह मारपीट की है। वहीं, सीओ सिटी का कहना है कि टीम के साथ ईस्टर्न पेरिफेरल हाइवे पर बनाये गए नाके को देखने के लिए गए थे। वहां से लौटते वक्त दिल्ली यमुनोत्री हाइवे पर मविकलां गांव के पास ढाबे खुले हुए थे। साथ ही लोगों की भीड़ भी जमा थी।
उन्होंंने ढाबे को बंद करा दिया और सोशल डिस्टेंस का पालन करने के लिए लोगों से कहा। एंबुलेंस कर्मचारी उनसे उलझने लगे। सीओ का कहना है कि उन्हें नहीं पता था कि वे 108 एम्बुलेंस कर्मचारी है।