Baghpat Snake Bite Death : यूपी के बागपत में एक दर्दनाक हादसा: किरठल गांव में सांप के काटने से छोटे भाई की मौत हो गई, जिसका सदमा बड़े भाई बर्दाश्त नहीं कर सके और हार्ट अटैक से उनकी भी जान चली गई।
बागपत : उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में एक ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। किरठल (करिठल) गांव में मंगलवार को दो सगे भाइयों की कुछ ही घंटों के अंतराल में मौत हो गई। छोटे भाई को खेत में सांप ने काट लिया, जबकि बड़े भाई को छोटे भाई की मौत की खबर सुनकर इतना गहरा सदमा लगा कि उन्हें हार्ट अटैक आ गया और उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
घटना बागपत के रमाला थाना क्षेत्र अंतर्गत किरठल गांव की है। 72 वर्षीय किसान ओमपाल सिंह टिकरिया मंगलवार सुबह अपने खेत में फसल की सिंचाई कर रहे थे। इसी दौरान नाली में पानी का रिसाव होने लगा। ओमपाल सिंह पैर से ही नाली को ठीक करने की कोशिश कर रहे थे, तभी एक जहरीले सांप ने उनके पैर को डस लिया।
सांप का जहर बेहद तेज था। कुछ ही पलों में उनके शरीर में लकवे जैसे लक्षण दिखने लगे। परिवार के सदस्यों ने तुरंत उन्हें बड़ौत स्थित अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में ही जहर पूरे शरीर में फैल गया और ओमपाल सिंह की मौत हो गई। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
ओमपाल सिंह की मौत की खबर जब उनके बड़े भाई राजपाल सिंह (मेरठ में रहते थे) तक पहुंची, तो वे सदमे से बुरी तरह टूट गए। छोटे भाई की अचानक मौत का यह दुख उन्हें सहन नहीं हुआ। अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें गंभीर हार्ट अटैक आ गया। परिवार वाले उन्हें अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही राजपाल सिंह ने भी आखिरी सांस ली।
इस तरह एक ही दिन में दोनों सगे भाइयों की मौत ने पूरे परिवार को तहस-नहस कर दिया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और हर कोई इस अप्रत्याशित त्रासदी पर चर्चा कर रहा है।
घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र के काफी लोग शोक संतप्त परिवार से मिलने पहुंचे। पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह, डॉ. यशपाल सिंह, कवि विनीत चौहान, अशोक चौहान, विजय चौहान, ओमपाल पटवारी और सुरेंद्रपाल फौजी समेत कई लोगों ने परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। सभी ने इस घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया और दोनों दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की।
गांववासी कह रहे हैं कि दोनों भाइयों के बीच गहरा लगाव था। बड़े भाई की यह प्रतिक्रिया उनके अटूट भाईचारे को दर्शाती है। लोग इसे 'तू चला जाएगा तो मैं भी नहीं जिऊंगा' जैसी भावना से जोड़कर याद कर रहे हैं।