Mother Saved Son Life: मौत से जंग लड़कर बेटे की जिंदगी को मां जीतकर लाई। मां छत से बिजली के तारों पर कूद गई और मासूम की जान बचाई। जानिए पूरा मामला क्या है?
Mother Saved Son Life: उत्तर प्रदेश के बागपत (Baghpat) जिले से एक बेहद भावुक और साहस से भरी घटना सामने आई है। यहां निवाड़ा गांव की एक मां ने अपनी जान की परवाह किए बिना अपने 4 साल के बेटे को मौत के मुंह से खींच लाया। इस घटना ने हर किसी को झकझोर दिया, वहीं मां की ममता और हिम्मत की मिसाल भी पेश की है।
जानकारी के अनुसार, निवाड़ा गांव निवासी अमृता बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे अपने घर की छत पर काम कर रही थीं। उनका 4 वर्षीय बेटा कुश पास में ही खेल रहा था। इसी दौरान खेलते-खेलते अचानक कुश का संतुलन बिगड़ा और वह छत से नीचे गिर गया। दुर्भाग्यवश, नीचे से गुजर रहे बिजली के तारों पर वह लटक गया, जिससे उसे तेज करंट लग गया।
बेटे के करंट की चपेट में आने से तेज धमाके जैसी आवाज हुई। यह आवाज सुनते ही अमृता घबरा गईं और उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना तुरंत तारों पर छलांग लगा दी।
अमृता के कूदने से किसी तरह कुश तारों से छूट गया, लेकिन इसके बाद दोनों नीचे गली में गिर पड़े। करंट लगने से कुश झुलस गया, जबकि अमृता गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गईं। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत दोनों को उठाया और जिला अस्पताल पहुंचाया।
जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने तुरंत मां-बेटे का इलाज शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार, करंट लगने से कुश के कपड़े तक जल गए थे, लेकिन समय पर इलाज मिलने से उसकी हालत में अब सुधार है। अमृता का भी उपचार किया गया और उनकी स्थिति भी स्थिर बताई जा रही है।
जिला अस्पताल के डॉक्टर शादाब अनवर (Dr. Shadab Anwar) ने बताया कि बच्चे को करंट लगने से झुलसने के बाद तुरंत इलाज दिया गया, जिससे उसकी हालत में तेजी से सुधार हुआ है। वहीं, बेटे को बचाने के प्रयास में घायल हुई मां का भी उपचार किया गया है।
अमृता के पति अमित उस समय काम पर गए हुए थे। घटना की सूचना मिलने पर वे तुरंत अस्पताल पहुंचे। इस घटना के बाद पूरे गांव में अमृता की बहादुरी की चर्चा हो रही है। लोग उनकी हिम्मत और मां के रूप में उनके त्याग की सराहना कर रहे हैं।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि मां अपने बच्चे के लिए किसी भी खतरे से लड़ सकती है। अमृता ने जिस तरह अपनी जान जोखिम में डालकर अपने बेटे की जिंदगी बचाई, वह हर किसी के लिए प्रेरणा है। यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि मां के अटूट प्रेम और साहस की जीती-जागती मिसाल है।