बहराइच

Bahraich News: गन्ने के खेत में तेंदुए का हमला, पति की बहादुरी ने बचा ली पत्नी की जान, ग्रामीणों के पहुंचने पर पेड़ पर चढ़ कर बैठा

Bahraich Leopard attack: बहराइच के कतर्नियाघाट क्षेत्र में गन्ने के खेत में सिंचाई कर रही महिला पर तेंदुए ने हमला कर दिया। पत्नी को बचाने के लिए पति तेंदुए से भिड़ गया। ग्रामीणों लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचे तो तेंदुए बचने के लिए ऊंचे पेड़ पर चढ़ गया।
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Updated: 27 May 2026, 9:06 PM IST
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सांकेतिक AI इमेज

बहराइच के कतर्नियाघाट इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गन्ने के खेत में सिंचाई कर रही महिला पर अचानक तेंदुए ने हमला कर दिया। पत्नी की चीख-पुकार सुनकर पति जान जोखिम में डालकर तेंदुए से भिड़ गया। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो तेंदुआ भागकर सेमल के ऊंचे पेड़ पर चढ़ गया। वन विभाग की टीम कई घंटों से तेंदुए पर नजर बनाए हुए है। जबकि घायल दंपती को गंभीर हालत में अस्पताल भेजा गया है।

कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के मोतीपुर रेंज स्थित दलजीतपुरवा गांव में बुधवार को तेंदुए के हमले से गांव में दहशत फैल गई। गांव के रहने वाले 55 वर्षीय रामेश्वर अपने गन्ने के खेत में पंपिंग सेट से सिंचाई कर रहे थे। उनकी पत्नी 50 वर्षीय रामावती भी खेत में मदद कर रही थीं। तेज गर्मी के कारण फसल सूखने लगी थी। इसलिए दोनों खेत में पानी लगा रहे थे। इसी दौरान जंगल की तरफ से अचानक एक तेंदुआ खेत में घुस आया। रामावती पर हमला कर दिया। तेंदुए ने महिला के सिर को पकड़ लिया। जिससे वह जोर-जोर से चीखने लगीं। पत्नी की आवाज सुनते ही रामेश्वर बिना डरे तेंदुए से भिड़ गया और उसे छुड़ाने की कोशिश करने लगे।

ग्रामीणों के पहुंचने पर पेड़ पर चढ़ गया खूंखार शिकारी

शोर सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे किसान भी लाठी-डंडे लेकर मौके पर दौड़ पड़े। ग्रामीणों की भीड़ बढ़ती देख तेंदुआ दंपती को छोड़कर पास में खड़े एक बड़े सेमल के पेड़ पर चढ़ गया। घटना के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। हमले में घायल पति-पत्नी को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। जहां प्राथमिक इलाज के बाद हालत गंभीर देखते हुए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।

ऊंचे पेड़ पर बैठा तेंदुआ, रेस्क्यू टीम के हाथ-पांव फूले

सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। वन क्षेत्राधिकारी एसके तिवारी ने बताया कि तेंदुआ करीब ढाई साल का दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि पेड़ काफी ऊंचा होने के कारण उसे ट्रैंकुलाइज करना जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि नीचे गिरने से तेंदुआ घायल हो सकता है। फिलहाल, टीम उसे सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर भगाने की कोशिश कर रही है।

खौफ के साए में ग्रामीण

गांव के प्रधान प्रतिनिधि कर्ताराम वर्मा का कहना है कि तेंदुआ पिछले तीन दिनों से गांव के आसपास घूमता दिखाई दे रहा था। ग्रामीणों ने पहले ही वन विभाग से पिंजरा लगाने की मांग की थी। लेकिन अब तक कोई इंतजाम नहीं किया गया। घटना के बाद ग्रामीणों में डर का माहौल है। लोग बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

Updated on:
27 May 2026, 9:06 PM IST
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