Leopard in Bahraich : बहराइच में 6 साल के मासूम बेटे को बचाने के लिए मां तेंदुआ के सामने खड़ी हो गई। इस दौरान काफी देर तक तेंदुआ और मां के बीच लड़ाई हुई। लाठी-डंडा लेकर मौके पर पहुंची भीड़ को देख तेंदुआ भाग गया। वन विभाग पिंजरा लगाने की बात कर रहा है।
Leopard spotted in Bahraich, panic spreads: बहराइच में एक मां 6 साल के बेटे के साथ बाजार जा रही थी। अभी वह घर से थोड़ी दूरी पर ही गई थी कि तेंदुआ ने बेटे को झपट्टा मारकर अपने साथ ले जाने लगा। यह देखकर मां तेंदुए से भिड़ गई। तेंदुआ बार-बार पंजे से हमला करता रहा, लेकिन मां की ममता बेटे को छोड़ने को तैयार नहीं थी। इसी बीच शोर-शराबा सुनकर ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर पहुंचे। भीड़ देखकर तेंदुआ बच्चों को छोड़कर खेतों की ओर भाग गया। तेंदुआ ने एक युवक के ऊपर पर भी हमला कर दिया। जिससे वह घायल हो गया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने घायलों से बातचीत की, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिला वन अधिकारी ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जा रहा है और इलाके की निगरानी की जा रही है। उन्होंने अकेले सुबह-शाम खेत और जंगल की तरफ ना जाने की अपील की है। यह मामला सुजौली थाना क्षेत्र के बड़खड़िया गांव का है।
उत्तर प्रदेश के बहराइच में 32 वर्षीय मीना देवी अपने 6 वर्षीय बेटे मोहित के साथ सड़क किनारे बैठी थी। इस समय गाने के खेत से तेंदुआ निकला और मोहित को दबोच कर घसीटने लगा। बेटे की आवाज सुनकर मीना देवी चौंक गई। मोहित को बचाने के लिए वह तेंदुए के पीछे भागी। तेंदुआ मोहित को छोड़ने के लिए तैयार नहीं था, बार-बार मीना देवी को पंजे से घायल कर रहा था। इसी बीच शोर-शराबा सुनकर ग्रामीण बड़ी संख्या में लाठी-डंडे लेकर मौके की ओर दौड़े।
भीड़ और शोर-शराबा सुनकर तेंदुआ मोहित को छोड़कर गन्ने के खेत की तरफ भाग गया। जाते-जाते 26-वर्षीय उमेश को भी घायल कर गया। इस दौरान कई मिनट तक मीना देवी और तेंदुए की लड़ाई हुई, जिससे मीना देवी को सर और हाथ में चोटें आईं, लेकिन 6-साल-का मोहित को हल्की-फुल्की ही चोटें आईं। घायलों को सुजौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिहींपुरवा रेफर कर दिया गया।
वन क्षेत्राधिकारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए और निगरानी शुरू कर दी। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि तेंदुआ अभी आसपास के गन्ने के खेत में छिपा हो सकता है। वन विभाग के कर्मचारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि सुबह और शाम के समय जंगल और खेत की तरफ अकेले ना जाएं। तेंदुआ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जा रहा है। जिला वन अधिकारी अपूर्व दीक्षित ने बताया कि सरकारी मानकों के अनुसार घायलों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। उच्च अधिकारियों की अनुमति से क्षेत्र में पिंजरा लगाया जाएगा।